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उन्‍नाव कांड: परिवारवालों ने एक साल में 35 बार पुलिस से की शिकायत, एसपी बोले-शिकायत में कोई दम नहीं था

डेस्क: बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ गैंगरेप का आरोप लगाने वाली पीड़िता, रविवार को अपनी चाची और मौसी के साथ कार में सवार होकर रायबरेली जेल में बंद पीड़िता के चाचा से मिलने जा रही थी। उसके साथ वकील भी कार में सवार था। इस दौरान जिस कार में ये लोग बैठे हुए थे उसे रायबरेली में ट्रक ने जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। इस घटना में जहां गैंगरेप पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई वहीं गाड़ी में सवार वकील और पीड़िता को काफी गंभीर चोट आई है। जिनक इलाज लखनऊ के अस्पातल में चल रहा है। जहां पीड़िता की हालत नाजुक बनी हुई है।

इस बीच अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही पीड़िता के परिजनों प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़‍िता के परिवार ने पिछले एक साल में 35 बार स्‍थानीय पुलिस और प्रशासन से लिखित शिकायत की थी। पीड़‍िता के एक रिश्‍तेदार ने बताया कि परिवार ने आशंका जताई थी कि गैंगरेप में आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर उनको निशाना बना सकते हैं लेकिन पुलिस और प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।

पीड़‍िता के रिश्‍तेदार ने कहा, ‘हम डर में जी रहे हैं और पिछले साल सीबीआई द्वारा मामले की जांच शुरू करने के बाद से ही हमें जान से मारने की धमकी मिल रही थी। डर इतना ज्‍यादा था कि हमने उन्‍नाव जिले के माखी में स्थित अपने घर को छोड़ दिया।’ उधर, उन्‍नाव के एसपी एमपी वर्मा ने स्‍वीकार किया कि पुलिस को 33 शिकायतें मिली थीं लेकिन ‘उनमें कोई दम नहीं नजर आया, इसलिए उन्‍हें खारिज कर दिया गया।’

उधर लखनऊ जोन के एडीजी राजीव कृष्‍ण ने कहा है कि इन शिकायतों की अब दोबारा जांच की जाएगी। उन्‍होंने कहा, ‘हम पीड़‍िता के परिवार की ओर से पिछले एक साल में दी गई शिकायतों की फिर से जांच करेंगे। अगर जिला पुलिस के किसी अधिकारी की लापरवाही पाई गई तो दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’ उन्‍होंने कहा कि लखनऊ रेंज के आईजी एसके भगत को उन्‍नाव जिले भेजा गया था ताकि परिवार की सभी शिकायतों की फिर से जांच की जा सके।

वहीं कुछ दिन पहले ही पीड़िता के परिवारवालों ने प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई को पत्र लिखकर इस मामले के आरोपियों द्वारा कथित रूप से धमकी दिए जाने और उनसे अपनी जान को खतरे की आशंका व्यक्त की थी। यह चिट्ठी पीड़िता की मां, बहन और चाची ने लिखी थी। चाची की रायबरेली में हुई घटना में मौत हो चुकी है।

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