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10 दिनों तक संस्कृतमय होगा नरगौना परिसर, संस्कृत बोलना सीख सकेंगे कोई भी प्रतिभागी

मिथिला विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग में विश्वविद्यालय संस्कृत विभाग एवं लोक भाषा प्रचार समिति की बिहार शाखा के संयुक्त तत्त्वावधान में 01 से 10 अगस्त के बीच संस्कृत संभाषण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर में संस्कृत-छात्र एवं गैर संस्कृत-छात्रों के साथ- साथ अन्य कोई भी संस्कृत अनुरागी संस्कृत बोलना सीख सकेंगे। यह सामान्य प्रतिभागियों के लिए संस्कृत में वार्तालाप सीखने का स्वर्णिम अवसर होगा।

संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ नीरजा मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित शिविर उद्घाटन सत्र सह दीक्षारंभ कार्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सुरेंद्र कुमार सिंह द्वारा संस्कृत विभाग के सभागार में कल दिनांक 01 अगस्त को अपराह्न 3:00 बजे किया जाएगा। वही 10 अगस्त को आयोजित शिविर के समापन सह दीक्षांत समारोह में संस्कृत प्रचार प्रसार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले राष्ट्र मनीषी डॉ सदानंद दीक्षित ने भी पधारने की स्वीकृति दी है। शास्त्रार्थ परंपरा के विशेषज्ञ डॉ शशिनाथ झा छात्रों को मातृभूमि: भारतं मातृभाषा संस्कृतम् विषय पर पूर्वपक्ष एवं उत्तरपक्ष से परिचित कराएंगे।

समापन के अवसर पर दिनांक 10 अगस्त को संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सर्व नारायण झा को भी आमंत्रित किया गया है। शिविर निदेशक प्रोफेसर रामनाथ सिंह ने कहा कि संभाषण शिविर का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को अल्प समय में संस्कृत में वार्तालाप करने का प्रशिक्षण सरल और वैज्ञानिक तरीके से देना है, ताकि वे आत्मविश्वास से भर कर संस्कृत-भाषा व साहित्य को समझ कर आपस में संस्कृत-संभाषण कर सकें।

आज विभाग द्वारा आयोजित पत्रकार सम्मेलन में जानकारी देते हुए शिविर संयोजक डॉ जयशंकर झा ने बताया अब तक विभाग में 40 व्यक्तियों ने शिविर हेतु अपना पंजीयन कराया है। शिविर-संचालन विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा चलाया जाएगा। इस अवसर पर प्रो रामनाथ सिंह,डॉ जयशंकर झा,डॉ कृष्णचंद्र सिंह,डॉ आर एन चौरसिया,डा गंगाधर झा,डॉ सोमेश्वरनाथ झा दधीचि,डॉ मंजू कुमारी,राहुल रेणु , संजीत कुमार राम,शिवानी प्रिया,अर्चना कुमारी, रूपवाला आदि उपस्थित थे।

राकेश कुमार शाह की रिपोर्ट

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