बिहार राज्य

किसानों पर मेहरबान नीतीश सरकार, फसल क्षति पर मिलेगा प्रति हेक्टेयर 10 हजार रूपये

पटना: बिहार सरकार ने वैसे किसान जिनके फसलों का नुकसान बाढ़ या सुखार इ हुआ उन्हें सहकारिता विभाग के द्वारा बिहार राज्य फसल सहायता बीमा योजना के तहत फसल क्षतिपूर्ति हेतु आर्थिक सहायता देती है। फसल सहायता योजना के लिए निबंधन की अंतिम तारीख 31 जुलाई निर्धारित की गई थी। लेकिन सहकारिता मंत्री राणा रणधीर ने बताया कि निबंधन की तिथि बढ़ा कर 15 सितंबर तक कर दिया जाएगा। अधिक से अधिक किसानों को इस योजना का लाभ दिलाने का प्रयास है।

बता दें इस योजना में एक प्रतिशत से 20 प्रतिशत तक फसल की क्षति होने पर किसानों को प्रति हेक्टेयर 7।5 हजार रुपए मुआवजा मिलेगा। 20 प्रतिशत से अधिक क्षति पर प्रति हेक्टेयर 10 हजार रुपए मुआवजा मिलेगा। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को किसी प्रकार की प्रीमियम या अन्य कोई राशि नहीं देना है। इसमें रैयत और गैर रैयत (बटाईदार) किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर तक मुआवजा ले सकते हैं।

इस योजना में शामिल होने के लिए किसानों को निबंधन कराना जरूरी है। पहले से निबंधित किसानों को दुबारा निबंधन नहीं कराना है, बल्कि सेल्फ डिक्लरेशन देना होगा कि कितनी खेत में कौन सी फसल लगायी है। निबंधन के लिए किसान का आधार और मोबाइल नंबर जरूरी है। कृषि या सहकारिता विभाग में निबंधित किसान इस योजना के हकदार होंगे।

रैयत श्रेणी के किसानों को अन्य सूचनाओं के साथ व्यक्तिगत पहचान पत्र, फोटो, बैंक पासबुक, आवासीय प्रमाणपत्र, भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र, फसल का रकबा आदि जानकारी अपलोड करनी होगी।

Desk
Social Activist
https://khabarilaal.com