देश राजनीती

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, नानाजी देशमुख व भूपेन हजारिका को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आज देंगे भारत रत्न

डेस्क: पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, सामाजिक कार्यकर्ता नानाजी देशमुख और असम के प्रख्यात गायक भूपेन हजारिका को आज भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न दिया जाएगा। प्रणब मुखर्जी के अलावा इन दोनों ही हस्तियों को यह सम्मान मरणोपरांत दिया जाना है। इसी साल की शुरुआत में इन तीनों को भारत रत्न दिए जाने की घोषणा की गई थी.

प्रणब मुखर्जी

प्रणब मुखर्जी का जन्म पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के एक छोटे से गांव मिराटी में एक ब्राह्मण परिवार में 11 दिसंबर, 1935 में हुआ था. पांच दशक से ज्यादा तक राजनीति में सक्रिय रहे रहे प्रणब मुखर्जी देश के 13वें राष्ट्रपति रहे। प्रणब दा के नाम से लोकप्रिय मुखर्जी जब 1982 में इंदिरा सरकार में वित्त मंत्री बने तो उनकी केवल 47 वर्ष थी। वे देश के सबसे कम उम्र के वित्त मंत्री थे।

भूपेन हजारिका

8 सितंबर 1926 को जन्मे हजारिका गायक और संगीतकार होने के साथ ही कवि, फिल्म निर्माता, लेखक और असम की संस्कृति और संगीत के अच्छे जानकार थे। अपनी मूल भाषा असमी के अलावा उन्होंने हिंदी, बंगाली समेत कई भारतीय भाषाओं में गाने गाए। उन्हें पारंपरिक असमिया संगीत को लोकप्रिय बनाने का श्रेय जाता है। लीजेंड असमिया गायक भूपेन हजारिका ने अपना पहला गीत मात्र 10 साल की उम्र में रिकॉर्ड किया था. उनका निधन 5 नवंबर, 2011 को हुआ।

नानाजी देशमुख

11 अक्तूबर 1916 को महाराष्ट्र के हिंगोली में जन्मे नानाजी देशमुख 12 साल की उम्र में संघ से जुड़े फिर जनसंघ से राजनीति में आए। आपातकाल के खिलाफ जयप्रकाश नारायण के आंदोलन के प्रमुख शिल्पकार रहे। ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय है। नानाजी ने कहा था, 60 साल से अधिक उम्र होने वाले लोगों को सरकार से बाहर रह कर समाजसेवा करनी चाहिए। 27 फरवरी, 2010 को चित्रकूट में उनका निधन हुआ।

भारत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है और यह सम्मान असाधारण राष्ट्रीय सेवा के लिए प्रदान किया जाता है। इन सेवाओं में कला, साहित्य, विज्ञान, सार्वजनिक सेवा और खेल शामिल है। पहले इसमें खेल को शामिल नहीं किया गया था लेकिन बाद में इसे सूची में शामिल किया गया है। इस सम्मान की स्थापना 2 जनवरी 1954 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद द्वारा की गई थी। सबसे पहला पुरस्‍कार प्रसिद्ध वैज्ञानिक चंद्र शेखर वेंकटरमन को दिया गया था। तब से अनेक विशिष्‍ट जनों को अपने-अपने क्षेत्र में उत्‍कृष्‍ट योगदान के लिए दिया गया है।

Desk
Social Activist
https://khabarilaal.com