बिहार राज्य

इस बार मिथिला का ये नेता बन सकते हैं बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ! जल्द हो सकती है घोषणा

बीजेपी संगठन चुनाव का काउंट डाउन शुरू हो गया है। इसे लेकर बीजेपी के चुनाव अधिकारी लगातार बैठक भी कर रहे हैं। कुछ दिन पहले बीजेपी के राष्ट्रीय ऑफिस में इसको लेकर बैठक हुई थी। बिहार बीजेपी अध्यक्ष को लेकर भी अटकलें तेज हो गई है।

दिल्ली के बीजेपी केंद्रीय कार्यालय में हुई बैठक में तय किया गया कि 11 से 30 सितंबर तक बूथ अध्यक्ष और बूथ समिति सदस्य का चुनाव होगा। 11 से 31 अक्टूबर तक मंडल अध्यक्ष और मंडल स्तर पर समिति का गठन होगा। 11 से 30 नवंबर तक जिला अध्यक्ष और प्रदेश परिषद का चुनाव कराया जाएगा। वहीं 1 से 15 दिसंबर तक प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद के सदस्य का चुनाव होगा।

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद पार्टी की नीति एक ब्यक्ति एक पद के तहत अबतक नए अध्यक्ष का चुनाव हो जाना चाहिए था। लेकिन यह मामला अबतक टलता आ रहा है। बता दें कि पिछले महीने 16 जुलाई को उत्तर प्रदेश महाराष्ट्र में बीजेपी बीजेपी ने नए अध्यक्ष की घोषणा की थी। जिसके बाद से कयास लगाए जा रहे थे कि जल्द ही बिहार के नए अध्यक्ष की भी घोषणा हो जाएगा।

बिहार में अध्यक्ष पद के लिए कई नामों के कयास भी लगाए जा रहे हैं। बीजेपी के कुछ नेता जहां चुनाव की तरह सामाजिक समीकरणों के गणित के आधार पर गुणा-भाग कर नामों पर चर्चा कर रहे हैं, वहीं कई नेता ऐसे भी हैं जो सांगठनिक क्षमता वाले नेता को अध्यक्ष बनाए जाने की बात कर रहे हैं। वहीं कुछ जानकारों का मानना है कि बिहार में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में पार्टी नेतृत्व चुनाव को ध्यान में रखते हुए प्रदेश अध्यक्ष पद पर पिछड़ा या अति पिछड़ा वर्ग का दांव भी खेल सकती है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 5 नेताओं के नाम तेजी से चल रहे हैं। राजीव प्रताप रूड़ी, राधा मोहन सिंह, सुशील चौधरी, गोपाल जी ठाकुर,मिथलेश तिवारी नाम सबसे आगे चल रहा है। पिछड़े वर्ग से बेतिया सांसद संजय जायसवाल, रामकृपाल यादव,  और विधायक संजीव चौरसिया के नाम पार्टी की फिजां में तैर रहे हैं। बता दें कि राजीव प्रताप रूड़ी और राधा मोहन सिंह मोदी सरकार के पार्ट एक में मंत्रिमंडल में शामिल थे। इनको इसबार मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिला है।

बीजेपी का कोई भी नेता प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर खुलकर नहीं बोल रहा है, लेकिन सभी नेता कहते हैं कि पार्टी जिस नाम पर अपनी मुहर लगाएगा, वे अध्यक्ष होंगे।

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Social Activist
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