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बैंकिंग फ्रॉड केस: भ्रष्टाचार पर मोदी सरकार सख्त, कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी को ED ने किया गिरफ्तार

डेस्क: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे और मोजरबेयर के पूर्व कार्यकारी निदेशक रतुल पुरी को 54 करोड़ के बैंक घोटाले के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार कर लिया गया है। दो दिन पहले ही सीबीआई ने इस मामले में रतुल पुरी और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। केंद्रीय जांच एजेंसी ने जिन पर मुकदमा दर्ज किया है उनमें पुरी के अलावा कंपनी (एमबीआईएल), उनके पिता और प्रबंध निदेशक दीपक पुरी, निदेशकों – नीता पुरी (रतुल की मां और कमलनाथ की बहन), संजय जैन और विनीत शर्मा शामिल हैं।

यह मुकदमा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से दायर 354 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले मामले में दर्ज किया गया था। दिल्ली हाई कोर्ट ने 14 अगस्त को पुरी को 20 अगस्त तक गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था। अधिकारियों ने बताया कि इन पर कथित तौर पर आपराधिक षड्यंत्र रचने, धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार के आरोप हैं।

यह मामला सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर दर्ज किया गया। बैंक ने शिकायत में आरोप लगाया कि कंपनी 2009 से विभिन्न बैंकों से लोन ले रही थी और कई बार पुनर्भुगतान की शर्तों में बदलाव करा चुकी थी। बैंक का दावा है कि कंपनी और उसके निदेशकों ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से फंड जारी कराने के लिए नकली और जाली दस्तावेजों का प्रयोग किया।

18 अगस्त को सीबीआई ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 354 करोड़ रुपये की चपत लगाने के मामले में कंपनी के ऑफिसों और आरोपी डायरेक्टरों के घर समेत छह स्थानों पर छापेमारी की। सीबीआई के एक अधिकारी ने रविवार को ये जानकारी दी। कंपनी कॉम्पैक्ट डिस्क (सीडी), डीवीडी और ठोस स्टोरेज उपकरणों का निर्माण करती है।

बता दें कि रतुल पुरी अगस्ता वेस्टलैंड मामले में जांच के घेरे में हैं। रतुल पुरी पर उनकी कंपनी के जरिए कथित तौर पर रिश्वत लेने का आरोप है। प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि रतुल पुरी की स्वामित्व वाली कंपनी से जुड़े खातों का उपयोग रिश्वत की रकम लेने के लिए किया गया। अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर डील 3,600 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है।

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