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10 बैंकों को मिलाकर 4 बैंक बनाएगी मोदी सरकार, जानें- अब यहां नौकरी करने वालों का क्या होगा?

सुस्त अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शुक्रवार को कई बड़े एलान किए हैं। केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कई बैंकों के आपस में विलय का ऐलान किया है। उन्होंने हुए कहा कि आने वाले समय में सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों को मर्ज करके चार बड़े बैंक बनाए जाएंगे। पंजाब नैशनल बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स तथा यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का आपस में विलय किया जाएगा, जिससे देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक तैयार होगा और जिनका बिजनस 17.95 लाख करोड़ का होगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि केनरा बैंक और सिंडिकेट बैंक का विलय किया जाएगा, जिससे चौथा सबसे बड़ा सरकारी बैंक बनेगा और इसका कारोबार 15.20 लाख करोड़ रुपये का होगा। इसके अलावा, यूनियन बैंक में आंध्रा बैंक तथा कॉरपोरेशन बैंक का विलय किया जाएगा, जिससे देश का पांचवां सबसे बड़ा सरकारी बैंक तैयार होगा। वहीं इंडियन बैंक, इलाहाबाद बैंक का विलय किया जाएगा, जिससे सातवां सबसे बड़ा सरकारी बैंक बनेगा, जिसका कारोबार 8.08 लाख करोड़ रुपये का होगा।

इस विलय के बाद देश में सरकारी बैंकों की संख्या घटकर 12 हो गई है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकारी बैंकों के विलय से कर्मचारियों की कोई छंटनी नहीं होगी। उन्होंने कहा, विलय से छंटनी की आशंका नहीं है।

सरकार ने सरकारी बैंक के लिए बूस्टर डोज दी है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार बैंकों में पूंजी डालेगी।

  • इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) में सरकार 3800 करोड़ रुपये की पूंजी डालेगी।
  • यूको बैंक (UCO) बैंक में सरकार 2100 करोड़ रुपये डालेगी।
  • यूनाइटेड बैंक (United Bank) में सरकार 1600 करोड़ रुपये पूंजी डालेगी।
  • पंजाब नेशनल बैंक PNB में 16,000 करोड़ रुपये डालेगी।
  • बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) में सरकार 7,000 करोड़ रुपये डालेगी।
  • केनरा बैंक (Canara Bank) में 6,500 करोड़ रुपए डालेगी।
  • यूनियन बैंक (Union Bank) में 11,700 करोड़ रुपए डालेगी।
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