बिहार राज्य

बिहार में अब शिखर, विमल और सर पान मसाले पर भी लगा बैन

डेस्क: बिहार में शराबबंदी के बाद लोगों के स्वास्थ्य के मद्देनजर पान मसाला पर भी शुक्रवार को प्रतिबंध लगा दिया गया। फिलहाल यह प्रतिबंध एक साल के लिए लगाया गया है। बिहार के खाद्य संरक्षा आयुक्त संजय कुमार ने शुक्रवार को कहा कि कुल 12 पान मसाला कंपनियों पर पूरे राज्य में 30 अगस्त से एक वर्ष की अवधि तक पैकेट या खुले रूप में विनिर्माण, भंडारण, परिवहन, प्रदर्शन और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

वहीं सोमवार को शिखर पान मसाला, विमल पान मसाला और सर पान मसाला पर भी खाद्य संरक्षा आयुक्त ने तत्काल प्रभाव से बैन लगा दिया है। पान मसाला बैन होने की सूची में इन तीन ब्रांडों को भी शामिल किया गया है। खाद्य संरक्षा आयुक्त संजय कुमार इस मामले में आदेश जारी कर चुके हैं। आदेश में कहा गया है कि अगस्त में तीन और पान मसालों के नमूनों की जांच की गई थी जिसमें मैगनीशियम कार्बोनेट पाया गया। इससे हार्ट अटैक का खतरा रहता है। इसके साथ ही अब तक कुल 15 तरह के पान मसालों पर बैन लगाया जा चुका है।

सरकार ने इस आदेश से पूर्व जून से अगस्त के बीच तमाम ब्रांड्स के पान मसालों का सैंपल इकट्ठा कर इनकी जांच कराई थी। सरकार को इस कार्रवाई से पहले यह सूचना मिली थी की इन पान मसालों में मैग्नीशियम कार्बोनेट जैसे हानिकारक तत्व होते हैं, जिनके सेवन से इंसान के शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। टेस्ट में इन सभी सैंपल में अधिकतम में मैग्नीशियम कार्बोनेट की मात्रा मिली थी।

सरकार को टेस्ट की रिपोर्ट में यह बताया गया था कि इस प्रकार के पान मसालों के सेवन से हृदय रोग और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में सरकार ने इसे एक गंभीर मामला मानते हुए शुक्रवार को प्रदेश में पान मसाले की बिक्री और उत्पादन पर बैन लगाने का आदेश जारी कर दिया। सरकारी आदेश के अनुसार बिहार के लोगों के स्वास्थ्य के भलाई के उद्देश्य से अब पान मसाला के उत्पादन और बिक्री पर पूरी तरीके से रोक लगा दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि भारतीय संविधान के अनुसार राज्य सरकार अपने लोगों को पोषाहार स्तर और जीवन स्तर को ऊंचा करने और जन स्वास्थ्य के सुधार करने हेतु स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थो के उपभोग को प्रतिबंधित कर सकती है।

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Social Activist
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