बिहार राज्य

LNMU: शैक्षणिक आरजकता व विवि में भ्रष्टाचार के खिलाफ आइसा का रोषपूर्ण प्रदर्शन

दरभंगा : फीस बृद्धि वापस लेने, पीजी-यूजी में सीट बढ़ाने, दुरस्थ शिक्षा निदेशालय का स्कूल गुरु से असंवैधानिक समझौता को रद्द करने, दुरस्थ शिक्षा निदेशालय मे सहायक कुलसचिव की फर्जी बहाली को रद्द करने, छात्र-छात्राओं के अनुपात में विवि व महाविद्यालय में हॉस्टल बनाने, छात्राओ से एडमिशन के नाम पर लिए गए पैसे वापस करने, सहित 25 सूत्री माँग को लेकर सोमवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के द्वारा ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय पर आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन जुलुश एमएलएसएम कॉलेज से आयकर चौक होते हुए, भोगेन्द्र झा चौक होते हुए,श्याम मंदिर होते हुए, कैंटिंग होते हुए विवि मुख्यालय पहुँचा। जहां प्रदर्शन में जाकर तब्दील हो गया। मार्च का नेतृत्व आइसा जिला अध्यक्ष प्रिंस राज, विशाल माझी, अजय कुमार, प्रकाश झा, लोकेश राज, निशा कुमारी, प्रीति कुमारी ने किया। मार्च में छात्र नारा लगा रहे थे कि कुलपति मुर्दाबाद, पीजी-यूजी में सीट बढ़ाना होगा, फीस बृद्धि वापस लो आदि नारा लगा रहे थे।

विवि मुख्यालय में आयोजित सभा की अध्यक्षता आइसा राज्य उपाध्यक्ष सुनील कुमार ने किया। सभा को संबोधित करते हुए आइसा राज्य सह सचिव सह विश्वविद्यालय संयोजक संदीप कुमार चौधरी ने कहा कि एक तरफ बिहार की न्याय के साथ विकास की बात करने वाली नीतीश सरकार छात्राओ और एससीएसटी के छात्रों के लिए मुफ्त शिक्षा की बात करती है वहीं दूसरी ओर ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में छात्राओं और एससीएसटी से नामांकन शुल्क लिया जा रहा है जबकि 2015 से बिहार की सरकार ने यह बात कही कि हम छात्राओं और एससीएसटी के छात्रों से नामांकन शुल्क नहीं लेंगे तो बिहार की नीतीश सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि बिहार के सारे विश्वविद्यालयों में छात्राओं और एससी एसटी के छात्रों से जो नामांकन शुल्क लिया जा रहा है वह तत्काल बंद हो और मुफ्त में शिक्षा देने की जो उनकी बात है उसको पूरा किया जाए उसकी गारंटी की जाए।

उन्होंने कहा कि लगातार विवि के अधिकारी गलत कदम उठा रहे है। दुरस्थ शिक्षा निदेशालय का स्कूल गुरु से असंवैधानिक समझौता रद्द करना सिंडिकेट से भी पास हो गया लेकिन अभी तक नही हुआ, वही दूसरी ओर डिस्टेंस में सहायक कुलसचिव की बहाली भी फर्जी तरीके से कर दी गई है। जांच कमिटी भी बनी है लेकिन आज तक उस पर कोई एक्शन नही हुआ।

आगे श्री चौधरी ने कहा कि विवि के अधिकारी सिंडिकेट के निर्णय को भी लागू नही करते है। जिसके खिलाफ राजभवन को भी लिखा जाएगा। वही सभा को संबोधित करते हुए आइसा के प्रदेश सह सचिव वतन कुमार ने कहा की सरकार एक सोची समझी साजिश के फीस बृद्धि की है। जिससे कि नीचे तबके के छात्र छात्राए उच्च शिक्षा तक नही पहुच पाए। सरकार व विवि प्रशासन के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन को तेज किया जाएगा।

वही सभा को संबोधित करते हुए आइसा राज्य उपाध्यक्ष सुनील कुमार ने कहा कि विवि के बहुत सारे कॉलेज में पीजी की पढ़ाई नही हो रही है। विवि छात्रों के शिक्षा के प्रति गंभीर नही है। उन्होंने प्रदर्शन के माध्यम से कुलपति से मांग किया कि समस्तीपुर में जल्द पीजी की पढ़ाई शुरू किया जाय।

प्रदर्शन के बाद विवि प्रशासन द्वारा वार्ता नही करने के बाद छात्र आक्रोशित हो गए। और जोरदार नारा लगाने-लगे। वार्ता नही करने से आक्रोशित छात्र कुलपति का पुतला दहन कुलपति के गेट के सामने पुतला दहन किया गया। पुतला दहन के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि इस तानाशाही कुलपति के खिलाफ जल्द ही विवि बंद का कॉल दिया जाएगा। और मिथिला विवि कुलपति के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।

प्रदर्शन में आइसा दरभंगा जिला अध्यक्ष प्रिंस राज, जिला सचिव विशाल माझी, मयंक कुमार, राहुल राज, अनिकेत रंजन, निखिल कुमार, उज्जवल कुमार, अमरजीत कुमार, निशा कुमारी, प्रीति कुमारी, मनीषा कुमारी, लोकेश राज, राजू झा, जितेंद्र सहनी, अजय कुमार, राजा बाबू, शम्भू चौरसिया, प्रदीप कुमार , अन्नू कुमारी, खुशबू कुमारी, पूनम कुमारी,ममता कुमारी, राजू कर्ण सहित सैकड़ो छात्र शामिल थे। कुलपति द्वारा वार्ता नही करने के खिलाफ जल्द ही विवि बंद का घोषणा किया जाएगा।

राकेश कुमार शाह की रिपोर्ट

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