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ई-सिगरेट पर बैन से पीएम मोदी द्वारा चलाए गए क्रांतिकारी ‘मेकिंग-इंडिया’ योजना को बढ़ावा मिलेगा !

डेस्क: केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को कई अहम फ़ैसलों के बीच ई सिगरेट पर पूरी तरह पाबंदी लगाने का फ़ैसला किया है। देश में इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट पर पूरी तरह पाबंदी लगाने का ऐलान कर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सबको चौंका दिया। इस फ़ैसले के तहत न तो ई सिगरेट बनाई जाएगी, न बेची जाएगी और न ही उसका प्रचार होगा। ई सिगरेट का कारोबार करने वाले को पहली बार एक साल की सज़ा और एक लाख का जुर्माना हो सकता है। दूसरी बार पकड़े जाने पर 3 साल तक की सज़ा और 5 साल तक की जेल हो सकती है। ई सिगरेट रखने पर भी 6 महीने की जेल और 50,000 तक का जुर्माना संभव हैं। इस फैसले को एक अध्यादेश के ज़रिए लागू किया जाना है।

बता दें कि इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट या ई-सिगरेट एक बैटरी युक्त उपकरण है, जो निकोटिन वाले घोल को गर्म कर एयरोसोल पैदा करता है। इसके चलते जब कश लगाते हैं तो हीटिंग डिवाइस इसे गर्म करके भाप में बदल देती है। इसलिए इसे स्मोकिंग नहीं वेपिंग कहते हैं। इसका सीधे तौर पर छाती और मस्तिष्क पर बुरा असर पड़ता है।

TV 9 भारतवर्ष के समीर अब्बास लिखते हैं, ‘क्या हमारी सेहत को ख़तरा सिर्फ़ ई-सिगरेट से है ?? कमाल की बात तो ये है कि इसे ये कहकर बैन किया जा रहा है कि इससे आम सिगरेट जैसा ही ख़तरा है। लेकिन कैंसर की सबसे बड़ी जड़ सिगरेट पर बैन लगाने को कोई तैयार नहीं है ?️’

अनु राय अपने फेसबुक टाइम लाइन पर लिखती हैं, ‘E-cigarettes बैन पर रोने वाले लोग देशद्रोही हैं। हम निर्मला सीतारमन के इस फ़ैसले का समर्थन करते हैं। 502 पताका बीड़ी हमारी अपनी बीड़ी है। इस मुई अंग्रेज़ी ई-सिगरेट की आने की वजह से हम जड़ों से दूर हो रहे थे। अब जब ये कमबख़्त बैन हो गयी है तो युवा पुनः बीड़ी पीना शुरू करेगी। अपने सभ्यता-संस्कृति की ओर लौटेगी।

और हाँ इस बैन से मोदी जी द्वारा चलाया गया क्रांतिकारी ‘मेकिंग-इंडिया’ योजना को भी तो फ़ायदा। देश की डूबती अर्थव्यवस्था को बीड़ी खींच कर बाहर निकाल लाएगी। हम बहुत ख़ुश हैं। जय हिंद। जय भारत।

#बीड़ी_की_बिक्री_बढ़ेगी_देश_बढ़ेगा!?’

 

सरकार के इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। अवधेश तिवारी नाम का एक युवक अपने ट्विटर हैंडल पर लिखते हैं, ‘भारत में हर साल लाखों लोग तंबाकू सेवन की वजह से मरते हैं, मगर ई-सिगरेट के कारण एक भी मौत दर्ज नहीं की गई।फिर भी सरकार ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया।’

निष्ठा नाम की एक यूजर लिखती हैं, ‘क्यों न सिगरेट को ही बन्द कर दिया जाए ?? यह मात्र ई- सिगरेट का ही दिखावा क्यों ??’