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‘दी लल्लनटॉप’ के संपादक सौरभ द्विवेदी ने तो प्रिय सुशील मोदी की ‘कह के ले ली’ !

जवाहर लालू नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में फीस बढ़ोतरी के खिलाफ चल रहे आंदोलन को पुरे देश से समर्थन मिल रहा है। लोग गुणवत्तापूर्ण सस्ती शिक्षा की वकालत कर रहे हैं। ताकि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी शिक्षित होकर समाज और देश का भला कर सके। वहीं कुछ लोग छात्रों के इस आंदोलन का विरोध भी कर रहे हैं।

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट कर इस मामले को लेकर टिप्पणी की है। सुशील मोदी ने JNU के छात्रों को न सिर्फ शहरी नक्सली कहा बल्कि राजनीति करने का भी आरोप लगाया है।

उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा है, ‘जेएनयू में फीस वृद्धि कोई इतना बड़ा मुद्दा नहीं कि जिसके लिए संसद मार्च निकाला जाए। हकीकत यह है कि जो शहरी नक्सली इस कैम्पस में बीफ पार्टी, पब्लिक किसिंग, महिषासुर महिमामंडन, स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का मानभंजन और देश के टुकड़े-टुकड़े करने के नारे लगाने जैसी गतिविधियों में लगे हुए हैं वो अब गरीब छात्रों को गुमराह कर राजनीतिक रोटी सेंकना चाहते हैं।’

ट्विटर यूजर सुशिल मोदी के इस ट्वीट पर जमकर प्रतिकिया दे रहे हैं। लोग उनसे बिहार के ध्वस्त शिक्षा व्यवस्था को लेकर तीखे सवाल कर रहे हैं। जेएनयू के छात्र रहे युवा जर्नलिस्ट The Lallantop के संपादक सौरभ द्विवेदी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा है, ‘प्रिय सुशील मोदी जी. जेएनयू की चिंता के लिए धन्यवाद। बाकी कभी समय मिले तो पटना यूनिवर्सिटी (जिसने आपको नेता बनाया) हॉस्टल जाइएगा। किसी भी हॉस्टल में जा सकते हैं। छज्जों का प्लास्टर गिर रहा है। कमरों में अलमारियां नहीं हैं। लंबी लिस्ट है। वहां के हालात सुधार दें।’

बता दें कि जेएनयू के छात्र हॉस्टल फीस में बढ़ोतरी के कारण पिछले तीन सप्ताह से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों ने सोमवार को संसद सत्र के पहले ही दिन अपने मांगो के समर्थन में संसद मार्च किया था। इस दौरान छात्र और पुलिस में झड़प हो गई थी जिसमें कई छात्र घायल हो गए थे।