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कुमार विश्वास ने क्यों कहा कि ‘हम गधे हैं’ ?

बीएचयू के कुछ छात्र धर्म विज्ञान संकाय में डॉ. फिरोज की नियुक्ति के विरोध कर रहे हैं। देशभर से इसको लेकर पक्ष और विपक्ष में प्रतिक्रियाएं आ रही है। इसी बीच महामना मदर मोहन मालवीय के पपौत्र न्यायमूर्ति गिरधर मालवीय का बयान आया है। एक वीडियो जारी कर मालवीय ने छात्रों के धरने को गलत बताया है। साथ ही यह भी कहा है कि इस मामले में छात्रों को सही ढंग से समझाने की जरूरत है।

गिरिधर मालवीय जो कि बीएचयू के चांसलर हैं कहा कि छात्रों द्वारा लिया गया स्टैंड गलत है। महामना (BHU के संस्थापक, मदन मोहन मालवीय) की व्यापक सोच थी। यदि वह जीवित होते तो निश्चित रूप से इस नियुक्ति का समर्थन करते।

मालवीय जी के पौत्र के बयान पर हिंदी के प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास ने कहा है कि ‘स्व.मदनमोहन मालवीय के पौत्र न्यायमूर्ति गिरधर मालवीय संस्कृत प्रोफ़ेसर फ़िरोज़ के विरोध से दुखी होकर कह रहे हैं कि आज मालवीय जी होते तो इस विरोध-प्रदर्शन से दुखी होते,पर सवाल यह है कि सनातन धर्म का “स” तक न जानने वाले राजनैतिक लंपटों से कैसे निबटते महामना?’

कुमार विश्वास के इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए एक यूजर ने लिखा, ‘130 करोड़ में आप जैसे चंद लोग ही हैं जो सही को सही एवं ग़लत को ग़लत कहने की हिम्मत करते हैं वरना यही लगता रहता है कि अमुक व्यक्ति या तो इस तरफ़ है या उस तरफ़!’

फिर, उस यूजर को जबाव देते हुए कुमार विश्वास ने लिखा कि ‘खेमेबाज़ों की नज़र में माना कि हम गधे हैं,पर तसल्ली है कि किसी के खूँटे से नहीं बँधे हैं?
(चकाचौंध)’