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अरबों रुपये मुनाफा कमाने वाली भारत पेट्रोलियम समेत पांच कंपनियों को बेचेगी मोदी सरकार, मिली कैबिनेट की मंजूरी

मोदी कैबिनेट ने भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) समेत पांच सरकारी कंपनियों की हिस्सेदारी बेचने की मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को इसकी जानकारी दी है।

वित्त मंत्री ने बताया कि भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के साथ कंटेनर कॉरपोरेशन (कॉनकॉर), टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कारपोरेशन इंडिया लिमिटेड (टीएचडीसीएल), नार्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड (नीपको) और शिपिंग कॉरपरेशन (एससीआई) के विनिवेश को भी मंज़ूरी मिलीहै।

इन कंपनियों में प्रबंधन सरकार अपने पास रखेगी, लेकिन शेयर हिस्सेदारी 51 फीसद से नीचे लाई जाएगी। केंद्र के पास भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की 53.29 फीसद हिस्सेदारी है। मालूम हो कि विनिवेश प्रक्रिया में नुमालीगढ़ रिफाइनरी में बीपीसीएल की 61 फीसद हिस्सेदारी को शामिल नहीं किया गया है। बीपीसीएल में प्रबंधन नियंत्रण सौंपने के साथ रणनीतिक विनिवेश को मंजूरी दी गई है।

बता दें कि वित्त राज्य अनुराग ठाकुर द्वारा संसद में दिए गए लिखित बयान के मुताबिक, सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 में विनिवेश की मदद से 1.05 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। अब तक करीब 17365 करोड़ रुपये जुटाए जा चुके हैं। ब तक करीब 17365 करोड़ रुपये जुटाए जा चुके हैं।

गत 30 सितंबर को विनिवेश पर गठित सचिवों की एक कोर टीम ने भारत पेट्रोलियम की हिस्सेदारी बेचने को मंजूरी दी थी। बीपीसीएल मुनाफे में चलने वाली कंपनी है। वित्त वर्ष 2018-19 में बीपीसीएल को 7,132 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। इसलिए सऊदी अरामको, रोसनेफ्ट, कुवैत पेट्रोलियम, एक्सनमोबिल, शेल, टोटल एसए और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी जैसी दिग्गज अंतरराष्ट्रीय कंपनियां इसकी हिस्सेदारी खरीदने के लिए बोली लगा सकती हैं।