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अयोध्या मामला: नसीरुद्दीन व शबाना समेत 100 मुस्लिम हस्तियों ने कहा- ‘सुप्रीम कोर्ट का फैसला न्यायिक रूप से त्रुटिपूर्ण है’

डेस्क: सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर को अयोध्या विवाद पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए विवादित 2.77 एकड़ भूमि को रामलला विराजमान को दे दी । इसके साथ ही पांच न्यायाधीशों वाली पीठ ने मस्जिद बनाने के लिए पांच एकड़ जमीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को भी देने का आदेश दिया था। जिसके बाद ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड व उलमा-ए-¨हिंद जैसे कुछ पक्षकार अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का निर्णय लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ लोग पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के निर्णय का विरोध कर रहे हैं। अभिनेता नसीरुद्दीन शाह व शबाना आजमी समेत मुस्लिम समाज की करीब 100 प्रमुख हस्तियों ने सोमवार को अयोध्या पर सुनाए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करने संबंधी कुछ पक्षकारों के निर्णय का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि विवाद को जिंदा रखने से समुदाय को नुकसान होगा।

बयान में बताया गया है कि ‘हम इस तथ्य पर भारतीय मुस्लिम समुदाय, संवैधानिक विशेषज्ञों और धर्मनिरपेक्ष संगठनों की नाखुशी को साझा करते हैं कि देश की सर्वोच्च अदालत ने अपना निर्णय करने के लिए कानून के ऊपर आस्था को रखा है।’ बयान में कहा गया है कि वे इस बात से सहमति रखते हैं कि फैसला न्यायिक रूप से त्रुटिपूर्ण है, लेकिन हमारा मजबूती से मानना है कि अयोध्या विवाद को जीवित रखना भारतीय मुसलमानों को नुकसान पहुंचाएगा और उनकी मदद नहीं करे।

पुनर्विचार याचिका दायर करने का विरोध करने वाले बयान पर दस्तखत करने वालों में इस्लामी विद्वान, सामाजिक कार्यकर्ता, वकील, पत्रकार, कारोबारी, शायर, अभिनेता, फिल्मकार, थिएटर कलाकार, संगीतकार और छात्र शामिल हैं। बयान पर दस्तखत करने वालों में शाह, आज़मी, फिल्म लेखक अंजुम राजबली, पत्रकार जावेद आनंद समेत अन्य शामिल हैं।