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इस बार के दरभंगा स्नातक एमएलसी चुनाव में युवाओं की पसन्द बन के उभर रहे हैं रजनीकांत पाठक

 डेस्क: अगले साल होनेवाले विधान परिषद चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई है। अभी चुनाव आयोग स्नातक एयर शिक्षक एमएलसी चुनाव 2020 का मतदाता सूचि में नाम जोड़ने के लिए अभियान चला रही है। मतदाता सूचि में नाम जुड़वाने की आख़िरी तारीख 9 दिसम्बर है। बता दें कि इन चुनावों के लिए हर बार वोटर लिस्ट नए सिरे से बनती है।

एक नवंबर 2016 से पूर्व के वो सभी स्नातक डिग्रीधारी जिनका नाम 23 नवंबर के प्रारूप मतदाता सूची में दर्ज नहीं हैं वे संबंधित प्रखंड के पदाभिहित पदाधिकारी के पास आवेदन जमा कर सकते हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में नाम जोड़ने, हटाने और शुद्धिकरण को प्रारूप 18, सात और आठ में आवेदन की तिथि नौ दिसम्बर तक निर्धारित है।

इस बार दरभंगा स्नातक चुनाव 2020 में युवा समाजसेवी रजनीकांत पाठक का नाम तेजी से उभरा है। मूल रूप से बखरी के निवासी रजनीकांत पाठक सोशल वेलफेयर में मास्टर डिग्री हैं। सामाजिक गतिविधियों में पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रहे हैं। देश स्तर पर कई संस्था इन्हें सम्मान भी कर चुकी है। जुलाई 2019 से स्नातक के दरबार में कार्यक्रम चला कर रजनीकांत पाठक ने वैसे सामान्य स्नातक को भी दरभंगा स्नातक एमएलसी चुनाव का मतदाता बनने के लिये प्रेरित किया जो आज तक इस चुनाव की प्रक्रिया से अनजान थे।दरभंगा स्नातक के कुल 77 प्रखण्ड में जाकर रजनीकांत पाठक ने “स्नातकों के दरबार में” कार्यक्रम चला कर इस बार सामान्य स्नातक को भारी संख्या में मतदाता बनाने में कामयाबी हासिल की है।

रजनीकांत पाठक बताते हैं कि इस बार का चुनाव गुपचुप नहीं होने जा रहा है। इस बार स्नातक मतदाता परिवार के ख़िलाफ़ है। मधुबनी,दरभंगा,समस्तीपुर और बेगुसराय में एक अनुमान के अनुसार 50 से 60 प्रतिशत नए मतदाता बने है। इस बार 25 से 40 वर्ष के उम्र के मतदाता 60 प्रतिशत से भी अधिक हैं।

आपको बता दें कि समाजवादी सोच रखने वाले रजनीकांत पाठक से किसी दल से समर्थन संबंधित बात पूछी जाती है तो मुस्कुरा कर सवाल टालते हुए कहते हैं इस बार लोग दिल की सुनेंगे और दिल जो कहेगा वही करेंगे। रजनीकांत पाठक वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं और फिलहाल इसके संरक्षक हैं। सरल हृदय और मीठी बोली के चलते बड़ी संख्या में लोगों का समर्थन इन्हें मिल रहा है। रजनीकांत पाठक के मैदान में आने से साधारण मतदाता खुद को सहज महसूस कर रहे हैं और हर जाति वर्ग का समर्थन मिलने की उम्मीद लिए रजनीकांत पाठक भी जमकर पसीना बहा रहे हैं।