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दरभंगा: स्नातक MLC उम्मीदवार रजनीकांत पाठक के समर्थन में MSU राष्ट्रीय अध्यक्ष ने किया प्रेस कॉन्फ्रेंस

डेस्क: आज दिनांक 18/01/19 को दरभंगा स्थित MSU के मिथिला कार्यालय पर आगामी एमएलसी चुनाव (दरभंगा स्नातक निर्वाचन) के मद्देनजर प्रेस-कॉन्फ्रेंस आयोजित किया गया।

इस मौके पर मिथिला स्टूडेंट यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अविनाश भारद्वाज ने कहा कि यह चुनाव गैर-राजनीतिक है, इसमें स्नातक पास छात्र वोट देते है तो निश्चित रूप से यह चुनाव छात्र और छात्र संगठनों का चुनाव है, लेकिन राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस चुनाव को एक साजिश के तहत राजनीतिक चुनाव बना दिया है। यहाँ एक बिंदु पर ध्यान देना आवश्यक है कि विश्वविद्यालय तथा छात्रों के समस्याओं को केवल छात्र नेता ही समझ सकता है क्योंकि वो छात्रों एवं विश्वविद्यालय की व्यवस्था को जीते है, महसूस करते है। एक छात्र का दर्द केवल एक छात्र समझ सकता है, लेकिन यहाँ उल्टी गंगा बह रही है। वो नेता जो AC रूम में पैदा हुए जो कभी भी LNMU में पढ़ाई नही किये, LNMU की व्यवस्था को नही समझे, जिनका दूर दूर तक LNMU और स्नातक उतीर्ण छात्रों से कोई सरोकार नही रहा है, वो इस चुनाव को जीतते आये है, क्योंकि उनका इतना ही परिचय है कि वो राजनेताओ के परिवार से आते है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पास धनबल एवं पहुँच है, पिछले 30 सालों में इन नेताओ ने न तो स्नातक वोटर के रोजगार के लिये प्रयास किया, न ही चारो जिला के प्रत्येक प्रखंड में एक भी डिग्री कॉलेज खुलवाया न ही LNMU को सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने के लिए प्रयास किया। इनके राज में अप्रत्याशित फीस बृद्धि हुई, साजिश के तहत दशको तक छात्र-संघ चुनाव नही होने दिया गया । एक भी सम्बद्ध महाविद्यालय तथा उसके हजारो शिक्षक एवं शिक्षोतर कर्मचारी को स्थायी नौकरी नहीं दिला पाए। इनके राज में दलालों के बोलबाला रहा है। प्रत्येक पंचायत में छात्र-छात्राओं के लिए आये लाखो सरकारी रुपये का बंदरबांट हुआ। किसी भी महाविद्यालय में आधुनिक कोर्सेज नही लाया गया। 3 साल की स्नातक की डिग्रियां 5 सालों में मिलता रहा। कॉलेज के मूलभूत समस्याओं पर इनका कोई ध्यान नही है, यही कारण है कि पिछले 30 सालों में स्नातक पास विद्याथिर्यों में बेरोजगारी दर काफी बढ़ गयी है, स्नातक पास विद्यार्थी बेरोजगार है, 30 सालों में LNMU का शिक्षा स्तर जहाँ विश्वस्तरीय होना चाहिए था वो देश मे सबसे निचले स्तर का हो गया, इसके लिए यही लोग जिम्मेदार है। इन नेताओं ने न केवल स्नातक के छात्र-छात्राओं का शोषण किया वल्कि LNMU को भी गर्त में मिलाने का काम किया आज ये प्रश्न हमारे सामने उठ खड़ा हुआ है कि अपने दल व सत्ता के लोभ में स्नातकों के जीवन को बर्बाद करने का हक इन नेता लोगों को किसने दिया है। आज की जरूरत है कि एक गैराजनीतिक चुनाव को कैसे नेताओ व राजनीतिक पार्टियों के लोग से बचाया जाय और हम छात्र समाज अपना प्रतिनिधि अपने समाज से चुने न कि किसी दल के नेता को क्योकि ये लड़ाई हमारे छात्र समाज के अस्तित्व की लड़ाई है।

वहीं विश्वविद्यालय अध्यक्ष अमन सक्सेना ने MSU के सफल आंदोलन को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि MSU ने पिछले चार सालों के संघर्ष में इस दुरी को पाटने का काम किया है। हमने मिथिला यूनिवर्सिटी में स्नातक के सत्र को नियमित करवाया, चालीस वर्ष के बाद छात्र संघ चुनाव की शुरुआत करवाया । हमारे 15 नवंबर 2017 के आंदोलन से अतिथि शिक्षकों की बहाली हुई । सीनेट-सिंडिकेट ने केंद्रीय विश्वविद्यालय की मांग को पारित किया। सभी अंगीभूत महाविद्यालय के शिक्षक – कर्मचारी को समय पर मानदेय मिलें यह सुनिश्चित करवाया। स्नातकों के हित की रक्षा हेतु एवं LNMU को शिक्षा व्यवस्था को पुनः आदर्श बनाने हेतु हमने हर सम्भव प्रयास बिना सत्ता में रहे किया। चूंकि हम गाँव मे स्नातकों के बीच रहते है उनके रोजगार की बात करते है । उनके लिए संघर्ष करते है । उनकी समस्याओं को नजदीक से महसूस करते है । अतः यह स्वच्छ चुनाव है, छात्रों का चुनाव है और जब हम सत्ता में नही रहते है हुए LNMU को बिहार का नम्बर-1 यूनिवर्सिटी बनाने का गौरव प्रदान किये है तो यह समय की माँग है कि हम छात्र समाज का प्रतिनिधित्व करें। जब तक हमलोग इस भ्रस्टाचारियों को खदेरेंगे नहीं तब तक ये नेता लोग हमारे समाज का शोषण करते रहेंगे।

संगठन के जिलाध्यक्ष अमित ठाकुर ने कहा कि इस चुनाव में हम अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे क्योंकि यह हमारा अधिकार नहीं अपितु मौलिक कर्तव्य है । एक तरफ धनबल है तो एक तरफ जनबल है । एक तरफ जहाँ 30 सालों में LNMU का विनाश करने वाले लोग हैं तो दूसरी तरफ LNMU को बिहार का नंबर वन यूनिवर्सिटी बनाने बालों का संघर्ष है । एक तरफ जहाँ AC रूम में रहने वाले राजनेता हैं, जिनके लिए स्नातक पास बेरोजगार युवा केवल सत्ता प्राप्ति का जरिया है वहीं दूसरी तरफ स्नातक के स्वाभिमान एवं अधिकार हेतु आवाज बुलंद करनेवालों की फौज है।
एक तरफ जहाँ नेताओं को स्नातक पास बेरोजगार विद्यार्थी चुनाव के समय याद आते हैं तो दूसरी तरफ वर्षों से स्नातकहित में संघर्ष करनेवालों की जमात है। एक तरफ जहाँ AC रूम में बैठकर स्नातकों की समस्याओं को देखकर हंसने वाले सफेदपोश लोग हैं वहीँ दूसरी तरफ स्नातक समाज से निकले नौजवान जो दिन रात उनके समस्याओं पर रोते एवं संघर्ष करते हैं वो लोग हैं।
इन सभी तमाम मुद्दों और समस्या को देखते हुए हमने दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अपनी उम्मीदवारी पेश करने का निर्णय लिया जिसका घोषणा MSU के मंच से कर रहा हूँ। तमाम स्नातक से जुड़े समस्या का हल हम करेंगे तथा स्नातकों के बेहतर भविष्य बनाने हेतु MSU के सपना और संघर्ष को साकार करेंगे।

साथ ही MSU समर्थित MLC चुनाव के उम्मीदवार रजनीकांत पाठक जी ने मधुबनी स्थित संगठन के कार्यालय पर प्रेस-कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया उपस्थित मीडिया बंधु को संवोधित करते हुए श्री पाठक ने कहा कि LNMU ने पिछले 30 साल के इतिहास में कई एमएलसी दिया है। लेकिन शिक्षा का केंद्र कहे जाने वाले इस क्षेत्र को एक सोची समझी साजिश के तहत हमारे उच्च शिक्षा को बर्बाद किया गया जबकि पटना यूनिवर्सिटी से बड़ाहै इतना बड़ा भूखंड होने के वावजूद इसे सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने के दिशा में कोई ठोस कदम अभी तक नही उठा पाए। आज के समय मे मधुबनी बेगूसराय समस्तीपुर दरभंगा में यूनिवर्सिटी की आवस्यकता है पिछले कई वर्षों से एक दुधारू गाय की तरह उपयोग किया गया है। इस क्षेत्र से निर्वाचित होने वाले तमाम उम्मीदवार ने केवल इससे व्यक्तिगत कमाई की है। वोट लेकर चुने गए राजनेताओं ने केवल सत्ता भोग और अवैध संपत्ति बनाई है और उन्होंने अपने स्वार्थ को सिद्ध करते हुए LNMU तथा स्नातक वोटरों का शोषण मात्र किया है। शिक्षा व्यवस्था से उन्हें दूर दूर तक कोई मतलब नही रहा है। पिछले 30 सालों से साल दर साल यूनिवर्सिटी की शिक्षा व्यवस्था गर्त में मिलते गया।

मौके पर एमएसयू के सलाहकार समिति के सदस्य नित्यानंद झा, कृष्णकांत चौधरी, सुमन झा, राष्ट्रीय संगठन मंत्री राघवेंद्र रमण, राष्ट्रीय सचिव तमशील अहमद, बहेड़ी प्रखंड अध्यक्ष संधीर यादव, हायाघाट प्रखंड अध्यक्ष दीपक झा, जयप्रकाश झा, मुरारी मिश्र, जनार्दन मिश्रा, अभिषेक कुमार, सुशांत कुमार,अर्जुन कुमार, संजीत कुमार, नीतीश कुमार सिंह , गोपाल ठाकुर, अंगद कुमार, सागर सिंह, उज्ज्वल मिश्रा, मनीष पाण्डेय, अंकित झा, विनय ठाकुर, प्रवीण झा,अंगद कुमार भारती समेत दर्जनों कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे।

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