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CAA को लागू करने से कोई राज्य इनकार नहीं कर सकता है: कपिल सिब्बल

डेस्क: देश भर में ज़बरदस्त विरोध के बावजूद केंद्र सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA)  लागू कर दिया है। बीते दिनों सरकार ने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी है। दिल्ली के शाहीनबाग समेत देश के विभिन्न हिस्सों में अभी भी विरोध-प्रदर्शन जारी है। वहीं गैर बीजेपी शासित राज्य की सरकारें अधिसूचना जारी होने के बाद भी विरोध कर रहे हैं।

केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र सहित कई राज्य नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का विरोध कर रहे हैं। केरल और पंजाब तो इसके विरोध में प्रस्ताव भी पास कर चुके हैं।

इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के  वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा है कि संसद से पारित हो चुके कानून को लागू करने से कोई राज्य इनकार नहीं कर सकता और ऐसा करना असंवैधानिक होगा।

कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री कहा के, ‘जब सीएए पारित हो चुका है तो कोई भी राज्य यह नहीं कह सकता कि मैं उसे लागू नहीं करूंगा। यह संभव नहीं है और असंवैधानिक है। आप उसका विरोध कर सकते हैं, विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर सकते हैं और केंद्र सरकार से (कानून) वापस लेने की मांग कर सकते हैं। लेकिन संवैधानिक रूप से यह कहना कि मैं इसे लागू नहीं करूंगा, अधिक समस्याएं पैदा कर सकता है।’ सिब्बल ने यह बातें केरल साहित्य उत्सव के दौरान कही है।

इससे पहले केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने भी शनिवार को कहा कि सीएए पूरी तरह से केंद्रीय सूची का विषय है और सभी राज्यों को इसे लागू करना ही पड़ेगा। जयपुर में एक कार्यक्रम में खान ने कहा, ‘सीएए खालिस और खालिस केंद्रीय सूची का विषय है, ये राज्य सूची का विषय नहीं है। हम सभी को अपने अधिकार क्षेत्र को पहचानने की जरूरत है।’

वहीं पंजाब सरकार की ओर से पेश प्रस्ताव में कहा गया कि CAA का प्रारूप देश के संविधान और इसकी मूल भावना के खिलाफ है। यह देश के कुछ धर्म विशेष के लोगों की पहचान को खत्म करने की कोशिश है। इस एक्ट के जरिए प्रवासी लोगों को बांटने की सोच है और ये समानता के अधिकार के खिलाफ है।

Desk
Social Activist
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