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शरजील के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार क्या है कनेक्शन ? बिहार की सियासत में उबाल

डेस्क: असम को देश के बांकी हिस्सों से काटने वाला विवादित भाषण का एक वीडियो वायरल होने के बाद जेएनयू के पूर्व छात्र और कथित तौर पर शाहीन बाग प्रदर्शन के मुख्य आयोजक शरजील इमाम को बिहार के जहानाबाद के काको थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया है। उन पर राजद्रोह का केस दर्ज किया गया है। उसके खिलाफ यूपी, दिल्ली, अरूणाचल और असम समेत 6 राज्यों की पुलिस ने केस दर्ज कर रखा है।

शरजील इमाम को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। एक फोटो सामने आने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी सवालों के घेरे में आ गए हैं। शरजील इमाम के कंधे पर अरुण कुमार का हाथ रखे एक फोटो सामने आने के बाद बिहार के सियासत में उबाल आ सकता है। बता दें कि अरुण कुमार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पूर्व सहयोगी रहे हैं। वे जहानाबाद से जदयू के टिकट पर 1999-2004 की लोकसभा में सांसद रह चुके हैं। वो नीतीश कुमार के काफी करीबी माने जाते थे। बाद में उनसे मोहभंग होने के बाद अरुण कुमार आरएलएसपी के उपेंद्र कुशवाहा के साथ चुनावी मैदान में आ गए। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने आरएलएसपी के टिकट पर बीजेपी के सहयोग से जहानाबाद से जीत दर्ज की थी।

शरजील इमाम के साथ पूर्व सांसद अरुण कुमार

शरजील इमाम जहानाबाद के काको गांव का रहने वाला है। यह इलाका मुस्लिम बाहुल्य है और मुस्लिम वोटरों का साथ पाने के लिए अरुण कुमार शरजील इमाम के पिता अकबर इमाम को राजनीतिक संरक्षण देते थे। पिता अकबर इमाम की मृत्यु के बाद उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी शरजील इमाम के कंधे पर आ गई। इसी क्रम में अरुण कुमार का साथ शरजील इमाम को मिल गया।

शरजील के पिता अकबर इमाम ने साल 2005 में जहानाबाद सीट से जेडीयू के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था। हालांकि वह आरजेडी के उम्मीदवार सच्चिदानंद यादव से 3000 से ज्यादा वोटों से चुनाव हार गए थे।

विदित हो कि शरजील इमाम का एक कथित वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें वह कहता है कि अगर संगठित लोग हों तो हम असम से भारत को हमेशा के लिए अलग कर सकते हैं। फिर कहता है कि हमेशा के लिए नहीं तो एक-दो महीने के लिए तो असम को भारत से काट ही सकते हैं। वीडियों में वह लोगाेें से यह कहता दिख रहा है कि रेलवे ट्रैक पर इतना मलबा डालो कि हटाने में एक महीना लगे। असम को काटना हमारी जिम्मेदारी है।’