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संत रविदास जयंती: अभिमान और बड़प्पन का भाव त्यागकर विनम्रतापूर्वक व्यवहार करने वाला व्यक्ति ही ईश्वर का भक्त हो सकता है

डेस्क: आज दिनांक 09/02/20 को छात्र संघ सी.एम.विधि महाविद्यालय दरभंगा द्वारा संत रविदास का जयंती महाविद्यालय अध्यक्ष कुणाल कुमार आर्यन व उपाध्यक्ष पूजा गुप्ता के संयुक्त नेतृत्व में मनाया गया।

इस अवसर पर केंद्रिय परिषद सदस्य ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय सह महाविद्यालय महासचिव ज्योत्स्ना आनंद ने कहा कि संत रविदास भगवान कृष्ण की परमभक्त मीराबाई के गुरु थे। मीराबाई उनकी भक्ति भावना से प्रभावित होकर उनकी शिष्या बन गई। संत रविदास का मानना था कि अभिमान और बड़प्पन का भाव त्यागकर विनम्रतापूर्वक व्यवहार करने वाला व्यक्ति ही ईश्वर का भक्त हो सकता है, बाल्यकाल से ही रविदास अद्भुत प्रतिभा के धनी थे समय के साथ इनकी अलौकिक शक्तियों से दुनिया को परिचित होने का मौका मिला, ऐसे संत के जीवन से हम सभी बहुत कुछ सिख सकते हैं।

वहीं महाविद्यालय कोषाध्यक्ष केशव झा ने कहा कि संत रविदास ने अपने दोहों व पदों के माध्यम से समाज में जागरूकता लाने का प्रयास भी किया। सही मायनों में देखा जाए तो मानवतावादी मूल्यों की नींव संत रविदास ने रखी। वे समाज में फैली जातिगत ऊंच-नीच के धुर विरोधी थे और कहते थे कि सभी एक ईश्वर की संतान हैं जन्म से कोई भी जात लेकर पैदा नहीं होता। इतना ही नहीं वे एक ऐसे समाज की कल्पना भी करते हैं जहां किसी भी प्रकार का लोभ, लालच, दुख, दरिद्रता, भेदभाव नहीं हो, समाजिक समरस्ता हेतु सदैव रविदास कार्य करते थे समय के साथ उनकी अलौकिक दिव्य शक्तियों से दुनिया को वाकिफ होने का अवसर प्राप्त हुआ।

वहीं महाविद्यालय के प्राध्यापक पी.के नीरज ने कहा कि हिंदू कैलेंडर की मान्यता के अनुसार हर वर्ष माध पूर्णिमा को संत रविदास की जयंती मनाई जाती है। वाराणसी के पास एक गांव में संत रविदास का जन्म हुआ था। ऐसा माना जाता है कि उनका जन्म 1450 में हुआ था। उनके पिता का नाम श्रीसंतोख दास और माता का नाम श्रीमति कलसा देवी था। संत रविदास का सौभाव बड़ा ही दयालु था। वह दूसरे साधु संतों की बहुत सेवा करते थे। इतना ही नहीं वह लोगों के लिए जूते और चप्पल बनाने का काम भी किया करते थे। उन्होंने लोगों को शिक्षा दी कि वह बिना किसी भेदभाव के एक दूसरे से प्रेम करे।
इस अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विभाग संयोजक सुमित सिंह, आभाविप महाविद्यालय मंत्री उज्ज्वल आनंद, सोनू कुमार, बिनोद जी, सहित अन्य छात्र उपस्थित थे।

दरभंगा से राकेश कुमार की रिपोर्ट

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