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NEP 2019 के माध्यम से मोदी सरकार शिक्षा व्यवस्था पर फासीवादी नियंत्रण करना चाहती है !

डेस्क: दरभंगा: 15 फरवरी 2020 “गरीब से गरीब आदमी भी आज सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाना नहीं चाहता। यह मानसिकता सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों के कारण बनी है। सरकार शिक्षा पर खर्च की अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट रही है। एजुकेशन शेष के नाम पर जनता से इकट्ठा किया गया धन भी शिक्षा पर खर्च नहीं किया जा रहा है। शिक्षा बजट लगातार घटाया जा रहा है। बिना बजट के शिक्षा सुधार की बात करना बेमानी है। उक्त बातें ऑल इंडिया सेव एजुकेशन कमिटी की ओर से एमएलएएसएम कॉलेज में आयोजित कन्वेंशन को संबोधित करते हुए कमिटी के अखिल भारतीय सचिवमंडल सदस्य देवाशीष राय ने मुख्य अतिथि के रूप में अपने वक्तव्य में कही। उन्होंने आगे कहा कि NEP 2019 के माध्यम से सरकार तमाम जनवादी निकायों को खत्म कर पूरी शिक्षा व्यवस्था पर सरकार का फासीवादी नियंत्रण करना चाहती है। उन्होंने शिक्षा को बचाने के लिए छात्र, शिक्षक एवं शिक्षा प्रेमियों से शिक्षा आंदोलन तेज करने का आह्वान किया।
कन्वेंशन का दृष्टि पत्र कमिटी के दरभंगा चैप्टर के सचिव डॉ लाल कुमार ने पेश किया।

विषय प्रवेश कराते हुए प्रख्यात इतिहासकार एवं कमिटी के अध्यक्ष डॉ धर्मेंद्र कुमर ने कहा कि NEP 2019 पूर्व की तरह शिक्षा का संपूर्ण निजीकरण-व्यापारीकरण करने वाली नीति है।

कन्वेंशन को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ चंद्र भानु प्रसाद सिंह ने कहा कि NEP2019 में धार्मिक शिक्षण संस्थानों मकतब, गुरुकुल, चर्च आदि में शिक्षा देने की बात कह रही है जबकि शिक्षा को धर्म से पूरी तरह अलग रखा जाना चाहिए।

कन्वेंशन को संबोधित करते हुए डॉ प्रभु नारायण झा ने कहा कि NEP 2019 खुले तौर पर उच्च शिक्षा को कॉर्पोरेट घराने को सौंप कर आम छात्रों को शिक्षा से बाहर करने का ब्लूप्रिंट है।

कन्वेंशन को संबोधित करते हुए इग्नू के निदेशक डॉ शंभू शरण सिंह ने कहा कि दुनिया में सबसे ज्यादा विद्यार्थियों वाला देश भारत है। इसे ध्यान में रखकर ही शिक्षा नीतियां तैयार करनी चाहिए।

अध्यक्षता करते हुए कॉलेज के प्राचार्य एवं कमेटी के संरक्षक डॉ विद्यानाथ झा ने कहा कि सरकारी संस्थानों की व्यवस्था को चौपट कर निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है जबकि शैक्षिक समुदाय यह आशा कर रहा था कि NEP 2019 के माध्यम से सरकारी संस्थानों को पुनर्जीवित किया जाएगा। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति सरकारी संस्थानों के लिए निराशाजनक है।

कन्वेंशन का संचालन डॉ सतीश कुमार सिंह ने की।
धन्यवाद ज्ञापन कमिटी के उपाध्यक्ष मुजाहिद आजम ने किया। कन्वेंशन को डॉ रामचंद्र सिंह चंद्रेश, डॉ अमरकांत कुमर, डॉ हीरालाल साहनी, डॉ उमेश कुमार शर्मा, एआईडीएसओ के बिहार राज्य सचिव विजय कुमार, राज्य सचिव मंडल सदस्य राजू कुमार, दरभंगा जिला संयोजक ललित कुमार झा, हरेराम कुमार, छवि कुमार, रोशन कुमार, दुर्गानंद शर्मा, विपुल कुमार, डॉ सुरेश महतो, डॉ राजेश कुमार राम आदि सम्बोधित किया।

दरभंगा से राकेश कुमार की रिपोर्ट

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