बिहार राज्य शिक्षा

वार्षिकोत्सव में बच्चों ने मैथिली नाटक ’’स्वच्छ रहु – स्वस्थ रहु’’ का बेहतरीन मंचन किया

डेस्क: दरभंगा जूनियर पब्लिक स्कूल में मना वार्षिकोत्सव रामबाग स्थित दरभंगा जूनियर पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव का उद्घाटन करते हुए विधान पार्षद डा0 दिलीप चौधरी ने कहा कि बच्चों के समुचित विकास के लिए स्कूल और अभिभावकों को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने सर्वांगीण विकास आधारित शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए स्कूल के शिक्षकों एवं प्रबंधन के बधाई दी।

विद्यालय के चेयरमैन डा0 लाल मोहन झा ने आगत अभिभावकों एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए बदलते दौर में शिक्षा क्षेत्र की नयी चुनौतियों की बात की।
विद्यालय के निदेशक विशाल गौरव ने शिक्षा के बदलते स्वरूप एवं आयाम का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चों के अन्दर परिश्रम, टीम भावना एवं बिना हतात्साहित हुए निरन्तर प्रयास की भावना को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। परिवेश बदलते रहेंगे मगर ये खूबियां हर वक्त उनका साथ निभाएंगी।

प्राचार्या शालीनी कुमारी ने विद्यालय की उपलब्धियों को बताते हुए कहा कि विद्यालय में पूरी तरह से अंग्रेजी माध्यम वातावरण दिया जाता है जिससे बच्चों को इस भाषा को सीखने में कोई परेशानी नहीं आती है।

कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ की गयी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विभिन्न विधाओं और भाषाओं का समावेश देखा गया। नाट्य विद्या में करियर संबंधित परेशानियां पर आधारित अंग्रेजी नाटक ’’गिव मी सम सनशाइन’’ का मंचन किया गया। हिन्दी नाटक ’’शिक्षा एवं संस्कार’’ के द्वारा शिक्षा में संस्कार को समाहित करने का संदेश दिया गया। मैथिली नाटक ’’स्वच्छ रहु – स्वस्थ रहु’’ में स्वच्छता अभियान को हास्य रस में पिरोकर प्रस्तुत किया गया। मोबाइल की लत् पर आधारित नाटक ’’एडिक्शन’’ ने अभिभावकों को सोचने पर मजबूर कर दिया।

किड्स सेक्शन के बच्चों ने ’’दिल है छोटा सा’’ एवं ’’बार्बी गर्ल’’ जैसे गानां पर नृत्य से खूब तालियां बटोरीं। ’’फ्लावर डान्स’’ में फूलों को प्रॉप की तरह इस्तेमाल करते हुए बच्चों ने अनूठे नृत्य का मंचन किया। संगीत की श्रृंखला में आग़ाज़ ’’स्वर दे वर दे’’ से किया गया। जब नन्हें बच्चों ने सूफी गीत ’’आया तेरे दर पे’’ और देशभक्ति में सराबोर ’’तेरी मिट्टी में मिल जावां’’ जैसे गीतों पर सुर लगाए तो दर्शक दीर्घा में बैठे लोग झूम उठे। इनोवेशन सेक्शन में ’’ट्राइबल डान्स’’, ’’सपनों का आंगन’’ और ’’जाने कहां छुपके’’ जैसे क्रार्यक्रम की prastuti की गयी। ’आठवीं कक्षा की निष्ठा, स्नेहा, सुधा, नाजमीन, मेघा, सौम्या और अंशिका के ’’पिंगा दी पोरे’’ नृत्य ने खूब शाबाशी बटोरी।

कार्यक्रम में लगभग 500 बच्चों ने हिस्सा लिया।
वार्षिकोत्सव के सफल मंचन में शिक्षक अल्का प्रसाद, आर के मिश्रा, नीरज झा, निशा झा एवं अरूण ठाकुर का मुख्य योगदान रहा।

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Social Activist
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