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पुण्यतिथि विशेष: कर्पूरी ठाकुर दलितों, पिछड़ों तथा गरीबों के मसीहा थे

डेस्क: कर्पूरी ठाकुर बिहार में सामाजिक आंदोलन के प्रतीक नेता रहे हैं।वे गरीबों,दलितों एवं पिछड़ों के मसीहा थे,जिनके लिए वे जीवन पर्यंत संघर्षरत रहे।उन्हें गरीबों,पिछड़ों व वंचितों का उद्धारक भी कहा जाता है। स्वर्गीय ठाकुर युवाओं को रोजगार देने के प्रति प्रतिबद्ध थे। उक्त बातें मारवाड़ी महाविद्यालय,दरभंगा के प्रधानाचार्य डॉ श्यामचंद्र गुप्त ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर की स्मृति दिवस के अवसर पर महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर सामाजिक समता के प्रबल योद्धा एवं एक वास्तविक नेता थे,जिन्हें जननायक की उपाधि उनके जीवन काल में ही विषमता,सामंतवाद, पूंजीवाद और सामाजिक अन्याय के विरुद्ध अनवरत संघर्षरत रहने के लिए बिहारवासियों के द्वारा दी गई थी।

एल एन मुस्टा के महासचिव डॉ कन्हैया जी झा ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर ओजस्वी वक्ता, ईमानदार नेता तथा सहज व सरल जीवनशैली के धनी व्यक्तित्व थे,जो महान कर्मयोगी के साथ-साथ सच्चे त्यागी पुरुष भी थे।महाविद्यालय के नवनियुक्त वर्सर डा ए पी यादव ने कहा कि स्वर्गीय ठाकुर का जन्म ब्रिटिश शासनकाल में हुआ था,जिन्हें भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 26 माह तक जेल की यातनाएं सहनी पड़ी थी। वे स्वतंत्रता सेनानी, आदर्श शिक्षक,अनुकरणीय राजनीतिज्ञ तथा बिहार के शिक्षा मंत्री,उप मुख्यमंत्री तथा दो बार मुख्यमंत्री भी रहे। उनका व्यक्तित्व एवं कृतित्व सदा अनुकरणीय रहेगा।

कार्यक्रम में डा अजीत कुमार सिंह,डा अंकित कुमार सिंह, डा एस के गुप्ता,डा सोनू राम शंकर,डा विकास सिंह,डा आर एन चौरसिया, डा अनिरुद्ध कुमार सिंह,डा हरे कृष्ण यादव,शाहिद इकबाल,डा रामानेक यादव, डा सुनीता कुमारी,डाअमरेंद्र कुमार झा,अमोद कुमार सिंह, डा संजय कुमार,डा एस एन चौधरी,विश्वंभर चौधरी,ओम प्रधान पासवान,विमल कुमार, आनंद शंकर,बृजधर कुमार,कुणाल कुमार,दुर्गानंद यादव तथा अभिषेक कुमार सहित अनेक व्यक्ति उपस्थित थे।

इस अवसर पर शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मी तथा छात्र-छात्राओं ने स्वर्गीय ठाकुर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

राकेश कुमार की रिपोर्ट

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