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बड़ी खबर: CAA-NRC-NPR के विरोध के बीच 127 लोगों को नागरिकता साबित करने का नोटिस, ज्यादातर मुस्लिम !

डेस्क: CAA , NRC और NPR के देशव्यापी विरोध के बीच भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की हैदराबाद कार्यालय ने कथित तौर पर गलत तरीका अपनाकर आधार नंबर प्राप्त करने वाले 127 लोगों को नोटिस भेजा है। UIDAI ने कहा कि ऐसे लोगों को अब साबित करना होगा कि वे भारत के नागरिक हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिन लोगों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें ज्यादातर मुस्लिम समुदाय से हैं।

UIDAI ने 3 फरवरी को जारी नोटिस में कहा है कि ‘हैदराबाद में रिजनल ऑफिस को शिकायत मिली है कि आप भारत के नागरिक नहीं थे। आपने गलत जानकारी देकर और फर्जी दस्तावेज दिखाकर आधार नंबर हासिल किया है। इसलिए अपनी नागरिकता साबित करें।’

नोटिस में ये दावा किया गया है कि हैदराबाद रिजनल ऑफिस काफी पहले से इस मामले की जांच कर रही है। इस संबंध में सभी 127 लोगों को 20 फरवरी को इन्क्वॉयरी ऑफिसर अमिता बिंदरू के दफ्तर में पेश होकर अपनी नागरिकता साबित करने के लिए सभी ओरिजनल डॉक्यूमेंट्स दिखाने को कहा गया है। अगर वो अपनी नागरिकता साबित नहीं कर पाए, तो ऐसी स्थिति में उनका आधार नंबर डिएक्टिवेट कर दिया जाएगा। हालांकि, नोटिस में ये नहीं कहा गया कि नागरिकता साबित करने के लिए इन लोगों को कौन से डॉक्यूमेंट दिखाने होंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हैदराबाद में एक 40 वर्षीय ऑटो-रिक्शा चालक को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने एक शिकायत पर अपनी नागरिकता साबित करने के लिए कहा है कि उसका आधार कार्ड नकली है। बायोमेट्रिक्स-आधारित पहचान पत्र प्रणाली चलाने वाले प्राधिकरण के उप निदेशक और जांच अधिकारी, अमिता बिंद्रो ने मोहम्मद सत्तार खान को 20 फरवरी को सुबह 11 बजे उनके सामने पेश होने के लिए कहा है।

तालाब कट्टा इलाके के भवानी नगर के रहने वाले खान को 3 फरवरी को नोटिस दिया गया है। जिसमें कहा गया है कि यदि आप भारतीय नागरिक नहीं है, तो साबित करें कि आपने कानूनी रूप से भारत के क्षेत्र में प्रवेश किया है और आपका प्रवास वैध है। अपने स्रोत का उल्लेख किए बिना शिकायत का हवाला देते हुए, बिंद्रो ने कहा कि खान ने झूठे बहानों के माध्यम से अपना आधार कार्ड प्राप्त किया, झूठे दावे किए और नकली दस्तावेज जमा किए।

बता दें कि आधार नागरिकता का दस्तावेज नहीं है और आधार अधिनियम के तहत यूआईडीएआई को यह सुनिश्चित करना होता है कि आधार के लिए आवेदन करने से पहले कोई व्यक्ति भारत में कम से कम 182 दिनों से रह रहा है। उच्चतम न्यायालय ने अपने एक ऐतिहासिक फैसले में यूआईडीएआई को अवैध प्रवासियों को आधार नहीं जारी करने का निर्देश दिया था।

प्राधिकरण के इस फैसले के बाद राजनीतिक तेज हो सकती है। हालांकि यूआईडीएआई ने मंगलवार को कहा कि उसके हैदराबाद कार्यालय ने कथित तौर पर गलत तरीका अपनाकर आधार नंबर प्राप्त करने के लिए 127 लोगों को नोटिस भेजे हैं, लेकिन इसका नागरिकता से कोई संबंध नहीं है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने पुलिस से रिपोर्ट मिलने के बाद नोटिस जारी किए हैै।

Desk
Social Activist
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