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मोदी जी, देशद्रोही वह है जिसने पुलवामा के शहीदों के नाम पर वोट मांगा: पप्पू यादव

डेस्क: 18 फरवरी 2020 को जन अधिकार पार्टी लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व सांसद माननीय पप्पू यादव जी का अलीनगर, नारी, पाली और सुपौल बाजार के में एनआरसी, सीएए, एनपीआर, के विरोध में चल रहे अनिश्चितकालीन सत्याग्रह धरना में शामिल होकर सभा को संबोधित किया।

अपने संबोधन में पूर्व सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए यह काले कानून का सहारा ले रही है। अगर देश में रजिस्टर ही तैयार कराना है तो बेरोजगारी पर रजिस्टर क्यों नहीं तैयार करवाते, देश की महिलाओं के उत्पीड़न पर रजिस्टर क्यों नहीं तैयार करवाते, देश में मोब लिंचिंग के नाम पर क्यों नहीं रजिस्टर करवाते, देश में दिन-ब-दिन आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है उस पर केंद्र सरकार क्यों ध्यान नहीं देती, केंद्र सरकार को इन बातों पर कोई सवाल पूछ ले तो वह देशद्रोह हो जाता है। मोदी जी देशद्रोही वह है जिन लोगों ने पुलवामा पर हमला करवाया और पुलवामा के शहीदों के नाम पर वोट मांगा और जो लोग अपने देश के जवानों के शहीदों के और उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहे और पुलवामा के हमले पर आवाज उठाई आप उसको देशद्रोही बोलते हो, शर्म धो कर पी गए हैं मोदी जी और अमित शाह जी, पूरे एक साल खत्म हो गया आखिर क्यों आज तक पुलवामा के शहीदों के परिवार वालों को कोई आर्थिक मदद, ना कोई गैस एजेंसी ना कोई पेट्रोल पंप, ना कोई उसके परिवार के सहारा के लिए कोई कदम उठाया?

वहीं दूसरी ओर बिहार के अंदर में डबल इंजन की सरकार दोगला रवैया अपनाए हुई है। यहां के नियोजित शिक्षक हड़ताल पर बैठे हैं उनसे बात करने को तैयार नहीं है, सिर्फ प्रचार प्रसार में विश्वास रखने वाले नीतीश कुमार इस पर जवाब देना होगा। एनपीआर के मसले पर पूरे बिहार को भ्रमित कर रखे हुए हैं, यह जान लीजिए इस बार अंतिम लड़ाई बिहार की दिशा और दशा को बदलने के लिए लड़ी जाएगी नीतीश जी को जवाबदेही तय करना होगा अन्यथा बिहार की जनता अब जात पात पर नहीं बल्कि उसके सुख-दुख में खड़े होने वाले के साथ पूरी ताकत से खड़ी रहेगी और इस गूंगी बहरी सरकार को उखाड़ फेंकेगी।

वहीं दूसरी ओर जन अधिकार पार्टी लोकतांत्रिक के जिला अध्यक्ष डॉक्टर मुन्ना खान ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मुसलमानों की डरने की जरूरत नहीं है यह लड़ाई सिर्फ एक धर्म की नहीं बलके सारे हिंदुस्तानियों की है। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान हमारे दलित भाइयों का होने वाला है,क्योंकि आसाम के अंदर में 15 लाख लोग एनआरसी के तहत छूट गए उसमें ज्यादातर दलित, महादलित और आदिवासी लोग हैं इसलिए लड़ाई मजबूती से लड़नी होगी, ताकि इस काले कानून को केंद्र सरकार वापस ले।

इस मौके पर जन अधिकार पार्टी लोकतांत्रिक के नगर अध्यक्ष पप्पू सरदार, युवा जिला अध्यक्ष चुनमुन यादव, चंद्रकांत सिंह,पुतुन बिहारी, सुनील कुमार पप्पू, मो०ईस्माइल मो० दिलशाद,काशिफ इकबाल, आसिफ हसनैन,नफीस खान, नौशाद अहमद,रौशन झा, कुणाल कुमार, डॉक्टर बारिश, डॉक्टर रेहमानी,मोनू ब्रावो दीपक झा,अंकित आनंद,दस्तगीर अंसारी,मिन्नतुल्लाह अंसारी, मो० आमिर, फैज आलम गांधी, इकराम अंसारी , मो० बिलाल, वकार अहमद, पिंटू खान, फराद खान, आदि सैकड़ों लोगों ने श्रद्धांजलि कैंडल मार्च में भाग लिया

राकेश कुमार की रिपोर्ट

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Social Activist
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