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दिल्ली हिंसा : दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, कपिल मिश्रा समेत 4 BJP नेताओं के खिलाफ दर्ज करें FIR

डेस्क: देश की राजधानी दिल्ली से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पिछले तीन दिनों से राजधानी में हो रहे उपद्रव पर दिल्ली हाई कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए पुलिस को आदेश दिया है कि वह भड़काऊ भाषण देने के आरोप में बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर, कपिल मिश्रा, अभी वर्मा और परवेश वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।

कोर्ट ने आगे कहा कि सीएए को लेकर दिल्ली में जारी हिंसा पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि सिर्फ तीन वीडियो क्लिप के आधार पर कार्यवाही आगे नहीं बढ़ा रही, पुलिस ऐसी अन्य क्लिप पर भी प्राथमिकी दर्ज अक्रें। हर भड़काऊ भाषण पर एफआईआर दर्ज कीजिए।

आपको बता दें कि अनुराग ठाकुर केंद्रीय मंत्री हैं, परवेश वर्मा पश्चिमी दिल्ली से बीजेपी सांसद हैं । वहीं कपिल मिश्रा इस बार बीजेपी के टिकट पर विधायकी का चुनाव लड़े थे, हालांकि वे हार गए थे।

हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा है कि इन नेताओं के खिलाफ पहले क्यों नहीं कार्रवाई की गई। कोर्ट ने कहा कि इस बार वे दिल्ली में 1984 के दंगे जैसे हालात नहीं बनने देंगे।

कोर्ट ने सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वो दिल्ली पुलिस कमीशनर को हमारी नाराजगी के बारे में बता दें। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पूछा कि पुलिस को आखिर कितनी मौतों और नुकसान का इंतजार है। जनता की सुरक्षा पुलिस की ड्यूटी है। अदालत में इस मामले पर पांच घंटे के अंदर तीन बार सुनवाई हुई।

न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर और न्यायमूर्ति तलवंत सिंह की पीठ संशोधित नागरिकता कानून को लेकर उत्तरपूर्वी दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में भड़की सांप्रदायिक हिंसा में शामिल लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करने और उन्हें गिरफ्तार करने की मांग करने वाली एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। हाई कोर्ट ने कहा कि बाहर के हालात बहुत ही खराब हैं।

इससे पहले याचिककर्ता के वकील कोलिन गोंजाल्विस ने कहा कि यह सभी वरिष्ठ नेता हैं। लेकिन इनके बयानों से इनकी नीयत पता चलती है। इन्हें प्राउड होता है अपने इस तरह के स्लोगन पर। लिहाजा कोर्ट को इन लोगों को जेल भेज देना चाहिए।