बिहार राजनीती राज्य

कन्हैया कुमार की ‘संविधान बचाओ नागरिकता बचाओ’ रैली पर युवा जर्नलिस्ट की त्वरित टिप्पणी, पढ़ें…

डेस्क: बड़े युवा नेता आज गांधी मैदान पटना में एक सभा कर रहे थे। सभा में 2 लाख लोगों के आने का दावा भी किया जा रहा है। आपको यहां बताते चले कि इस रैली के लिए युवा नेता ने करीब 1 माह से बिहार के विभिन्न हिस्सों में जनसभाएं कर लोगों को आमंत्रित किया।

आप समझ ही गए होंगें कि जनसभा में नेता जी ने क्या-क्या बोला होगा। मैंने बेगूसराय में लोकसभा चुनाव के दौरान उनके सभाओं को कवर किया तो मुझे पता है नेताजी का स्क्रिप्ट क्या होगा, हालांकि आप नहीं सुने होंगें तो रवीश कुमार के प्राइम टाइम स्क्रिप्ट की तरह ही नेताजी भी लगभग सब जगह बोलते हैं।

संविधान बचाने की बात इतनी बार दोहरा चुके हैं मानो संविधान द्रौपदी की साड़ी हो, आमजन कन्हैया और मोदी-शाह दुर्योधन-दुःशासन! खैर, 370 और राममंदिर जैसे जटिल मुद्दे खत्म होने के बाद विपक्ष के लिए संविधान का रोना स्वाभाविक हो जाता है। लेकिन एक अच्छी चीज पूरे सभा में यह लगी कि अफजल व चीन के प्रति सहानुभूति रखने वाले जत्थे ने राष्ट्रगान गाने का प्रयास किया हालांकि ‛जन-गण-मन’ गाते समय नेताजी अटक गए थे। नेताजी! प्रयास अच्छा था, खूब शुभकामनाएं।

युवा जर्नलिस्ट अजय कुमार बंटी के फेसबुक टाइमलाइन से

बता दें कि JNU छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और लेफ्ट के नेता कन्हैया कुमार गुरुवार को पटना के गांधी मैदान में ‘संविधान बचाओ, नागरिकता बचाओ’ महारैली का आयोजन किया था। जिसपर उन्होंने यह टिप्पणी की हैं। बता दें कि इस आलेख के लेखक और नेता दोनों बेगूसराय के ही हैं।

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