बिहार राज्य शिक्षा

LNMU: 10 दिवसीय आईसीएसएसआर कार्यशाला का हुआ समापन

डेस्क: आईसीएसएसआर कार्यशाला का समापन
आज दिनांक 28 फरवरी 2020 को विश्वविद्यालय समाजशास्त्र विभाग में भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद नई दिल्ली द्वारा संपोषित 10 दिवसीय कार्यशाला के अंतिम दिन काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी के समाजशास्त्र के प्रोफेसर अरविंद कुमार जोशी ने शोध में अवलोकन पद्धति पर अपना व्याख्यान देते हुए कहा कि कि यह देखना, प्रेक्षण, निरीक्षण अर्थात कार्य कारण एवं प्रशिक्षण आदि को जानने के लिए स्वाभाविक रूप से घटित होने वाली घटनाओं का सूक्ष्म निरीक्षण है।

इसमें कान तथा वाणी के अपेक्षा नेत्रों के प्रयोग की स्वतंत्रता द्वारा घटना को उसके वास्तविक रूप में देखने पर बल दिया जाता है। प्रोफेसर जोशी ने अवलोकन की विशेषताओं में मानवीय इंद्रियों का पूर्ण प्रयोग, उद्देश्यपूर्ण एवं सूक्ष्म अध्ययन, प्रत्यक्ष अध्ययन, कार्य कारण संबंधों को जानना, निष्पक्षता सामूहिक व्यवहार का अध्ययन आदि है। प्रो जोशी ने अवलोकन का वर्गीकरण करते हुए इसे अनियंत्रित अवलोकन , नियंत्रित अवलोकन, सहभागी अवलोकन, आसहभागी अवलोकन और अर्धसहभागी अवलोकन और सामूहिक अवलोकन में बांटा। उन्होंने अवलोकन की उपयोगिता को स्पष्ट करते हुए कहा कि इसमें सरलता , स्वाभाविक पद्धति, विश्वसनीयता , सत्यापन शीलता, सर्वाधिक प्रचलित पद्धति आदि है।

प्रो ए के जोशी ने अवलोकन की सीमाओं का वर्णन करते हुए कहा कि इसमें सभी घटनाओं का अध्ययन संभव नहीं होती, संकुचित क्षेत्र होती है, पक्षपात होती है, ज्ञानेंद्रियों में दोष आदि होते हैं ।

इस दस दिवसीय सामाजिक विज्ञान शोध पद्धति कार्यशाला के समापन सत्र के मुख्य अतिथि के रुप में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलसचिव कर्नल एन के राय ने कहा कि भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसन्धान परिषद द्वारा संपोषित कार्यशाला का आयोजन इस विद्यालय में होना एक उपलब्धि है। बिहार से बाहर के शोध छात्र मिथिला के विषय में जानकर यहाँ की सांस्कृतिक दूत बन गए । विभिन्न राज्यों के शोध छात्र छात्राओं का कार्यशाला में सफल प्रतिभागी हेतु बधाई दी। कुलसचिव कर्नल राय ने कहा कि शोध के क्षेत्र में नवीन प्रयोग एवं नवाचार की जानकारी कार्यशाला में देने से शोध छात्र दक्ष हुए हैं।

कार्यशाला के समापन सत्र में अतिथियों का स्वागत भाषण डॉ सारिका पांडेय ने दी।10 दिनों की कार्यशाला की संक्षिप्त विवरण देते हुए प्रोफ़ेसर गोपी रमण प्रसाद सिंह ने कहा कि 16 विषय विशेषज्ञ का आना और व्याख्यान देना विभाग की उपलब्धि है। विशिष्ट अतिथि के रूप में काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी के प्रोफेसर ए के जोशी थे।

विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ मंजू झा ने कार्यशाला का विस्तृत रिपोर्ट दी। धन्यवाद ज्ञापन सुश्री लक्ष्मी कुमारी ने की। जबकि मंच संचालन डॉ शंकर कुमार लाल ने की। इस अवसर पर प्रनतारति भंजन, अपराजिता कुमारी, विकास कुमार आदि उपस्थित थे। इस कार्यशाला के निदेशक प्रो बिनोद कुमार चौधरी ने कार्यशाला की समापन पर शुभकामना प्रेषित किये।

राकेश कुमार की रिपोर्ट

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