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दिल्ली हिंसा: मजदूरी के लिए किया था पलायन, दंगाइयों ने कई बिहारियों का मार डाला

डेस्क: नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर भड़की हिंसा में अबतक 42 लोगों की मौत हो चुकी है। इस हिंसा में रोजी-रोटी के लिए पलायन करके दिल्ली में रालह रहे कई बिहारियों की भी जान चली गई है।

दिल्ली में दंगाइयों द्वारा फायरिंग में एक युवक की गोली लगने से मौत हो गयी। मृतक की पहचान बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के समदा गांव के मो. इब्राहिम के 28 वर्षीय पुत्र मो. मुबारक हुसैन के रूप में की गयी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक 25 फरवरी को दिल्ली के मौजपुर स्थित अपने रूम से काम पर जाने के लिये निकल रहा था।

उसी दौरान सैकड़ों की संख्या में पहुंचे दंगाइयों ने उनपर तीन राउंड गोली चला दी। दो राउंड गोली से तो वह किसी प्रकार बच गये, पर अंतिम और तीसरी गोली उनको लग गयी। जिसके कारण उनकी दर्दनाक मौत उसी समय हो गयी। इधर युवक की मौत की सूचना उनके परिजन को दी गयी, जहां जानकारी मिलते ही मृतक के माता और पिता हवाई जहाज से दिल्ली के लिये प्रस्थान कर गये।।

इसके अलावे बिहार के दरभंगा निवासी मुबारक हुसैन (28) उत्तर पूर्वी दिल्ली के बाबरपुर इलाके में रहते थे। उन्हें विजय पार्क में उपद्रव के दौरान सीने में गोली लगी जिससे उनकी मौत हो गई। मुबारक दिल्ली में मजदूर के रूप में काम करते थे।

मारने बलों में बिहार का 15 साल का एक छात्र भी शामिल है। बताया जा रहा है कि उपद्रव के दौरान बेगूसराय जिले के मूल निवासी नितिन कुमार भी घायल हो गया था। गुरुवार तड़के गुरु तेग बहादुर अस्पताल में उसकी मौत हो गई। नितिन की मौत की खबर से उसके पैतृक गांव में मातम छा गया। नितिन के पिता सोगारथ पासवान उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गोकुलपुरी में पिछले 6 साल से परिवार के साथ रह रहे थे और यहीं मजदूरी करके घर का पेट पाल रहे थे।

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