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JDU का कार्यकर्ता सम्मेलन हुआ फ्लॉप, भीड़ के मामले में युवा कन्हैया ने अनुभवी नीतीश को दे दिया पटखनी

डेस्क: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जन्मदिन के मौके पर पटना के गांधी मैदान में कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां तक नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर(NPR) का सवाल है तो वह 2010 के प्रारूप के आधार पर ही बनाया जाएगा। इस संबंध में बिहार विधानसभा में प्रस्ताव भी पारित किया गया है।

कुमार ने दावा किया कि वे इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों में एनडीए गठबंधन में रहकर ही चुनाव लड़ेंगे और गठबंधन को 200 से ज्यादा सीटें मिलेंगी। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जिनके नेतृत्व में एनडीए इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव लड़ेगी, ने अपने चुनावी अभियान की शुरुआत इस सभा के माध्यम से कर दी है।

लेकिन यह शुरुआत काफी फीका रहा। इस सम्मेलन की हवा तब निकल गई जब कार्यकर्ता नहीं पहुंचे और मैदान खाली रह गया। नीतीश कुमार से अधिक तो JNU छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष और सीपीआई नेतानेता कन्हैया कुमार की ‘संविधान बचाओ नागरिकता बचाओ’ महारैली में लोग पहुंचे थे।

बता दें कि 27 फरवरी को कन्हैया ने पटना गांधी मैदान में सीएए और एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ ‘संविधान बचाओ, नागरिकता बचाओ’ महारैली की थीम इस रैली में कन्हैया को छोड़ कोई बड़ा नेता नहीं था। फिर भी हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे। लेकिन नीतीश कुमार की अभी वर्तमान में सरकार है। 19 सांसद हैं। दर्जनों मंत्री है। विधयाक हैं। इतना सब होने के बावजूद कार्यकर्ता जेडीयू सम्मेलन में नहीं पहुंचे और जेडीयू का सम्मेलन फ्लॉप हो गया।

कार्यकर्ता सम्मलेन को लेकर जितने नेताओं ने पटना में पोस्टर-बैनर लगाया था। उतने लोग सिर्फ 100-200 कार्यकर्ता को इस सम्मेलन में लाये होते तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का इस तरह मजाक नहीं बनता।

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Social Activist
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