बिहार राज्य

प्रीपेड मीटर के कारण हजारों परिवार के रोजी-रोटी पर संकट, कर्मचारी 3 मार्च से करेंगे आंदोलन

डेस्क: बिहार में प्रीपेड मीटर लगाने की प्रक्रिया आरंभ है। कई जगहों पर इसपर कार्य भी शुरू हो गया है। सरकार और बिजली कंपनियों की ओर से कहा जा रहा है कि इससे बिजली उपभोक्ताओं को सहूलियत होगी। लेकिन इस प्रक्रिया के कारण करीब 4-5 हजार मीटर रीडर की रोजगार पर संकट आ गया है। जिसको लेकर मीटर रीडर का काम करने वाले लोग आल बिहार मीटर रीडर संघ के तत्वाधान में आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।

संघ के पदाधिकारी का कहना है कि प्रीपेड मीटर लगने के बाद मीटर रीडर का काम निश्चित रूप से खत्म हो जाएगा। रीडर संघ इस आधुनिकीकरण का विरोध नहीं करता बल्कि वे सरकार से उदारता बरतने की अपेक्षा रखते हैं। सरकार उनके तथा उनके बच्चों के भविष्य के प्रति उदार रहे। उन्हें बिजली विभाग के अन्य कार्यों में संलग्न किया जाए ताकि उनके जीविकोपार्जन पर असर न पड़े।

उनका कहना है कि हमलोग विगत 10 वर्षों से चार अलग-अलग कंपनियों में बिना छुट्टी के सेवा दे रहे हैं। पहले 28 से 30 प्रतिशत बिलिंग होती था। हमलोगों की मेहनत के बदौलत अब 95 से 99 प्रतिशत तक बिलिंग होती है। वर्तमान में पहले से 7 गुना ज्यादा राजस्व की प्राप्ति हो रही है। इसके बावजूद हमारे रोजी-रोटी पर प्रहार हो रहा है। हमारे बच्चों और परिवार के भविष्य का सवाल है। इसलिए हम चुप नहीं बैठेंगे और मांग पूरी होने तक संघर्ष करते रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि अपने मांगों के समर्थन में आगामी 3 मार्च मंगलवार से गर्दनीबाग में हमलोग शांतिपूर्ण धरना देंगे।