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CAA विरोधी प्रदर्शनकारियों ने पेश की मिसाल, होली को लेकर ‘शाहीनबाग’ प्रोटेस्ट 10 दिनों के लिए रोका

डेस्क: राजधानी दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ चल रहा प्रोटेस्ट समाप्त कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट को वार्ताकार नियुक्त करना पड़ा। उसके बावजूद अभीतक प्रोटेस्ट न तो खत्म हुआ न हीं किसी दूसरे जगह शिफ्ट हो पाया। प्रदर्शनकारियों से बात करने शाहीन बाग जा रहे वार्ताकारों को निराश होकर खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले की सुनवाई होली बाद करेगी।

वहीं इसी तर्ज पर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शाहीनबाग जैसी जारी प्रोटेस्ट को महिलाओं ने स्थगित कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रोटेस्ट कर रही महिलाओं ने होली के त्योहार को देखते हुए इसे 10 दिन के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया है। देहरादून के परेड ग्राउंड में 37 दिन से चल रहा प्रोटेस्ट 10 दिन बाद फिर शुरू होगा।

आजतक के एक रिपोर्ट के मुताबिक शहर के पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने होली के त्योहार को देखते हुए मुस्लिम समुदाय के लोगों से बात कर धरने को स्थगित करने की अपील की थी। जिसे मान लिया गया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहीं एडवोकेट रजिया बेगम ने बताया कि होली के बाद 13 मार्च से फिर धरने की शुरुआत होगी। साथ ही उन्होंने पुलिस प्रशासन से निवेदन किया कि धरने के लिए जो टेंट लगाया गया है, उसे ऐसे ही लगे रहने दिया जाए। इसकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

दूसरी तरफ देहरादून में वसंत विहार की मुस्लिम बस्ती में एनआरसी और एनपीआर के विरोध में लामबंदी में जुटे नौजवान भारत सभा के दो कार्यकर्ताओं को शांतिभंग के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गोरखपुर और सोनभद्र के दोनों कार्यकर्ताओं को फिलहाल जेल भेज दिया गया है।

एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि पुलिस ने आरोपी अपूर्व मालवीय और अंगद यादव को शांति भंग करने के आरोप में पकड़ लिया। दोनों को मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

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Social Activist
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