बिहार राज्य शिक्षा

डॉ. अशोक कुमार मेहता दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के 11वें निदेशक बनें, पूर्व में विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक रह चुके हैं

डेस्क: दरभंगा। स्नातकोत्तर मैथिली विभाग के प्राचार्य, पूर्व परीक्षा नियंत्रक तथा विश्वविद्यालय के अभिसद सदस्य डॉ. अशोक कुमार मेहता आज दुरस्थ शिक्षा निदेशालय, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के पूर्व निदेशक डॉ. सरदार अरविंद सिंह से प्रभार लेते हुए कहा कि किसी भी संस्थान का विकास तभी संभव है जब संस्थान के कर्मचारियों द्वारा एक जुट होकर एवं ईमानदारी एवं निष्ठा पूर्वक संस्था के हित के लिए कार्य किया जाए।

 

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति, प्रति-कुलपति एवं कुलसचिव द्वारा मुझे इस कार्य का प्रभार दिया गया है मेरी कोशिस रहेगी कि मैं अपने कार्यकाल के दौरान संस्थान एवं संस्थान के कर्मियों के प्रति सकारात्मक एवं शैक्षणिक सोच के माध्यम से उन्हें शिखर तक पहुचाने का प्रयास करूँगा।

2008 में स्थापित दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के 11वें निदेशक के रुप में आज उन्होंने पदभार ग्रहण किया। पदभार लेते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि दुरस्थ शिक्षा निदेशालय मिथिलांचल का गौरव है जिसके द्वारा मिथिलांचल के दूर-दराज गाँव के लोग शैक्षिक हो रहें है। और ऐसे संस्थान को मार्यादित रखना हम सभी का कार्य ही नही जिम्मेदारी प्राथमिकता है।

डॉ. मेहता ने कर्मियों के संदर्भ में भी कहा कि परिवार की तरह संस्थान भी उतना ही महत्वपूर्ण है, पारिवारिक समस्याओं का निपटारा परिवार में होता है , ठीक उसी प्रकार ही किसी भी संस्थान की समस्याओं का निराकरण संस्थान में ही होनी चाहिए जिससे विकास की गति को पंख मिलता है। इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. सतेंद्र नारायण रॉय, परीक्षा नियंत्रक प्रथम डॉ. उमेश कुमार दास, परीक्षा नियंत्रक द्वितीय डॉ. आनंद मोहन मिश्र साथ ही निदेशालय के सभी पदाधिकारी, शिक्षक एवं समस्त कर्मी उपस्थित थे।

राकेश कुमार की रिपोर्ट

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