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बीजीपी नेताओं पर FIR का आदेश देने वाले जस्टिस मुरलीधर के विदाई समारोह में उमड़े वकील, जगह पड़ गई कम

डेस्क: पिछले दिनों दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस मुरलीधर का तबादला पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में कर दिया गया था। इस तबादले के बाद बुधवार को जस्टिस मुरलीधर को फेयरवेल दी गई। ये कार्यक्रम दिल्ली हाईकोर्ट में रखा गया। जस्टिस मुरलीधर को फेयरवेल देने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे तमाम वकीलों की भीड़ उमड़ आई। जस्टिस मुरलीधर को अलविदा कहने के लिए इतने लोग पहुंचे कि वहां बैठने की जगह तक नहीं बची और लोग सीढ़ियों पर खड़े हो गए।

इस फेयरवेल प्रोग्राम की तस्वीर दिल्ली हाईकोर्ट की एडवोकेट प्रशांत किशोर एवं अन्य लोगों ने अपने ट्विटर पर शेयर की है। तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह काले कोट पहने वकीलों का परिसर में जमावड़ा लगा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने ट्वीट कर कहा, ‘हाईकोर्ट में आज न्यायमूर्ति मुरलीधर को विदाई दी गई, जिन्हें दिल्ली पुलिस को दंगा अधिनियम पढ़कर सुनाने के दिन रात 11 बजे स्थानांतरित कर दिया था। हाईकोर्ट ने कभी किसी जज की इतनी शान से विदाई नहीं देखी। उन्होंने दिखाया कि शपथ के प्रति ईमानदार एक न्यायाधीश संविधान को बनाए रखने और अधिकारों की रक्षा करने के लिए क्या कर सकता है।’

वहीं अपनी फेयरवेल के दौरान जस्टिस एस मुरलीधर ने कहा कि जब न्याय की विजय होगी, तो जीत होगी… सच्चाई के साथ रहें – न्याय होगा।

बता दें कि जस्टिस एस. मुरलीधर का तबादला उस समय कर दिया गया था जब उन्होंने दिल्ली हिंसा की सुनवाई करते हुए पुलिस को जमकर फटकार लगाई थी। दिल्ली हिंसा को लेकर जस्टिस मुरलीधर ने सुनवाई की थी, और उसके बाद ही 26 फरवरी को उनका तबादला पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के लिए कर दिया गया था। उन्होंने भड़काई भाषण देने के लिए बीजेपी नेताओं पर दिल्ली पुलिस का कार्रवाई न करने पर उन्हें फटकार लगाई थी। उनके तबादले के बाद जमकर हंगामा हुआ था।

बता दें दिल्ली हाईकोर्ट के जज के तौर पर उन्होंने 27 फरवरी को आखिरी सुनवाई की। रिहाइशी इलाके में चलायी जा रही वाणिज्यिक गतिविधियों से संबंधित एक मामले में फैसला देने के बाद न्यायमूर्ति एस मुरलीधर ने कहा, “दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के नाते यह मेरा आखिरी न्यायिक कार्य है।’