बिहार राज्य शिक्षा

भाषण प्रतियोगिता में आतिका बद्र तथा गायन में अमरजीत कुमार ने पाया प्रथम स्थान

डेस्क: सी एम कॉलेज,दरभंगा के महिला कोषांग तथा एनएसएस इकाई के संयुक्त तत्वावधान में “अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस”की पूर्व संध्या पर “राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका” विषयक संगोष्ठी सह भाषण प्रतियोगिता का आयोजन महाविद्यालय महिला कोषांग के समन्वयक प्रो इंदिरा झा की अध्यक्षता में किया गया।कार्यक्रम में डा सुशांत कुमार, डा पी के चौधरी, डा आर एन चौरसिया,डा संजीत कुमार झा,डा सुरेश पासवान, डा विजयसेन पांडे,प्रो अमृत कुमार झा,डा मीनाक्षी राणा, प्रो रागिनी रंजन, डा आलोक रंजन,डा शैलेंद्र श्रीवास्तव,डा तनिमा कुमारी डा चंदा कुमारी सहित अनेक शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

इस अवसर पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में आतिका बद्र तथा गायन प्रतियोगिता में अमरजीत कुमार राम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया,जबकि निवेदन कुमार,विकास कुमार,मनोज प्रतिहस्त,शशिकांत सिंह यादव,नारायण जी साहू, गोविंद कुमार,उत्कर्ष मिश्रा, मनीष कुमार,अनिता कुमारी तथा दीपक कुमार आदि ने अपने अच्छे प्रदर्शन से प्रमाण पत्र तथा मेडल द्वारा सम्मानित किए गए।

अध्यक्षीय संबोधन में इंदिरा झा ने कहा कि भारत में महिलाएं मातृशक्ति के रूप में हमेशा सम्मानित रही हैं। सिर्फ फैशन से ही कोई महिला सशक्त नहीं हो सकती, बल्कि शिक्षा एवं स्वावलंबन से ही वे राष्ट्र निर्माण में बेहतर सहयोग कर सकती हैं।एनएसएस पदाधिकारी डा प्रीति त्रिपाठी ने कहा कि योग्य नारी से ही समुन्नत राष्ट्र का निर्माण होता है।स्त्री पुरुषों की विरोधी नहीं,बल्कि पूरक होती हैं।

डा मीनाक्षी राणा ने कहा कि महिला मां के रूप में मानव- सृजन करती है। वह पुरुषों से किसी भी मामले में कमतर नहीं मानी जा सकती है। डा चंदा कुमारी ने कहा कि शिक्षा तथा आर्थिक संबलता से ही महिला सशक्त हो सकती हैं। राष्ट्र निर्माण हेतु उन्हें मानसिक तथा शारीरिक रूप से सबल बनना ही होगा।

डा आर एन चौरसिया ने कहा कि आज हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़कर कार्य कर रही हैं। समाज व राष्ट् के निर्माण में महिलाओं की सर्वोत्तम भूमिका है।वह बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाती हैं।
डा पी के चौधरी ने कहा कि 1911 से ही लगातार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य महिलाओं का राष्ट्र निर्माण में अधिक से अधिक योगदान हो सके। डा संजीत कुमार ने कहा कि नारी नर का सम्मान है।नारी के सम्मान के बिना समाज सुखी नहीं बन सकता है।

कार्यक्रम का प्रारंभ दीप- प्रज्वलन से हुआ तथा उपस्थित सभी शिक्षिकाओं एवं छात्राओं का स्वागत गुलाब के फूलों से किया गया,जबकि स्वागत गान अमरजीत कुमार राम ने प्रस्तुत किया। अन्य वक्ताओं में जूही झा,काजल कुमारी, विष्णु कुमार राजू,खुशबू कुमारी तथा निवेदिता आदि शामिल हैं। डा रीता दुबे के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत डा प्रीति कनोडिया ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो शिप्रा सिन्हा ने किया।

राकेश कुमार की रिपोर्ट

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