तेजस्वी यादव
बिहार राजनीती राज्य

तेजस्वी के 5 ज्वलंत सवाल नीतीश सरकार की बेचैनी बढ़ाने के लिए काफी है !

डेस्क: लालू प्रसाद यादव के छोटे पुत्र और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं बिहार की एनडीए सरकार पर लगातार हमला’वर हैं। बेरोजगारी हटाओ यात्रा के माध्यम से सरकार को घेरने के साथ-साथ सोशल मीडिया के माध्यम से भी सरकार से सवाल पूछते रहते हैं।

इसी क्रम में शनिवार की सुबह नेता प्रतिपक्ष ने ट्वीट कर पांच सवाल उठाया है। वो लिखते हैं, ‘युवाओं को रोज़गार मिलना चाहिए कि नहीं मिलना चाहिए? किसानों की आय दोगुनी होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए? बिहार में उद्योग और कल-कारख़ाने खुलने चाहिए कि नहीं? बिहार में पलायन रुकना चाहिए कि नहीं रुकना चाहिए?नए दौर में नया बिहार बनना चाहिए कि नहीं चाहिए?

दूसरी तरफ खबर है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी विभागों को पिछले पंद्रह वर्षों के दौरान जो काम हुए उनसे कितने लोगों को रोजगार मिला उसका ब्योरा जुटाने का निर्देश दिया हैं। वहीं जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा हैं कि पार्टी के कार्यकर्ता इस सूची के साथ गांव-गांव जायेंगे।

इस खबर के आने के बाद भी तेजस्वी ने शुक्रवार को सरकार पर निशाना साधा था। पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा था, ‘अब तक मात्र चार ज़िलों के एक-एक अनुमंडल में ही बेरोज़गारी हटाओ यात्रा के दौरान उमड़े जनसैलाब से माननीय मुख्यमंत्री जी इतना घबरा गए कि अपने संगठन से आँकड़े बँटवायेंगे?‬ अभी तो पूरा बिहार घूमना बाक़ी है।

उम्मीद करते है आदरणीय नीतीश कुमार जी द्वारा पहुँचाए जाने वाले इन आँकड़ों में निम्नलिखित सवालों का जवाब अवश्य होगा।

‪हम आदरणीय मुख्यमंत्री जी को चुनौती देते है कि आप बताए आपने 15 वर्षों में कुल कितनी नौकरियाँ दी?‬
‪उन कुल नियुक्तियों का ज़िलावार और जातिवार आँकड़ा प्रस्तुत करे?‬
‪इन 15 वर्षों में कुल कितने बेरोज़गारों ने रोज़गार निबंधन कार्यालय में पंजीकरण कराया‬?
15 वर्षों में कुल कितना पलायन हुआ?
15 वर्षों में कितने उद्योग और कल-कारख़ाने लगे?
15 वर्षों में पहले से चालू कितनी चीनी मिल, जूट मिल, पेपर मिल एवं दूसरे उद्योग और कारख़ाने बंद हुए और उससे बिहार को कुल कितने राजस्व व रोज़गार के अवसरों की हानि हुई?
15 वर्षों में बिहार के कितने लाख करोड़ शिक्षा और चिकित्सा के नाम पर दूसरे प्रदेशों में गया?
बिहार के मानव संसाधन का कुल कितने प्रतिशत बिहार में और दूसरे प्रदेशों में कार्यरत है?

आशा है बिहार के 7 करोड़ बेरोज़गार युवा नौकरी संबंधित ये अतिआवश्यक प्रश्न माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी से निरंतर पूछते रहेंगे।’

Desk
Social Activist
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