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बड़ा खुलासा ! लोकसभा चुनाव में इस वजह से हुई थी ‘गरीबों के नेता’ कन्हैया कुमार की हार

डेस्क: राजद ने  बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के लिए तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया है। लेकिन इसको लेकर महागठबंधन में शामिल दूसरे दल सहमत नहीं है। खासकर हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी इसको लेकर ज्यादा मुखर है। उन्होंने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ शब्दों कहा कि गठबंधन में 5 दल है, इसलिए सिर्फ राजद की नहीं चलेगी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा बिना कोऑर्डिनेशन कमेटी के कोई काम नहीं होगा। अगर राजद इसके लिए तैयार नहीं है तो हम वृहद महागठबंधन बनाने की दिशा में काम करेंगे। मांझी ने कहा कि 30 मार्च तक कोऑर्डिनेशन कमेटी की बात नहीं मानी जाती है तो हम अलग रास्ता अख्तियार कर सकते हैं।

बता दें कि इससे पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा था कि ‘जीतन राम मांझी जी के बेटा को एमएलसी कौन बनाया है? कोऑर्डिनेशन कमेटी थी तभी तो राजद ने उसे अपने कोटे से विधान परिषद का सीट दिया था।’

तेजस्वी के इस बयान के बाद ही जीतन राम मांझी में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया था। जिसमें उन्होंने राजद पर कई गंभी’र आरोप लगाते दिखे। मांझी ने अपने बेटे को विधान परिषद के सदस्य बनाने के सवाल पर तेजस्वी यादव के आरोप पर जवाब देते हुए कहा, ‘तेजस्वी यादव अपने पिता से पूछें कि कैसे संतोष मांझी को विधान परिषद का सदस्य बनाया गया।अब तेजस्वी यादव यह जताना चाह रहे हैं कि राजदने मेरे बेटे को MLC बनाकर अहसान किया। लालू यादव ने दर्जनों बार फोन किया तब मैं अपने बेटे को विधान परिषद भेजने पर राजी हुआ। लालू यादव राजद को इसका फायदा भी अररिया लोकसभा और जहानाबाद विधानसभा के उपचुनाव में मिला।

उन्होंने आगे कहा कि हम सबको साथ लेकर चलना चाहते हैं लेकिन लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी कन्हैया से डरते हैं, इसलिए लोकसभा चुनाव में CPI को गठबंधन में शामिल नहीं किया। मांझी ने कहा वे(लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी) किसी हाल में कन्हैया कुमार और उनकी पार्टी सीपीआई के साथ तालमेल करने को तैयार नहीं थे। जबकि महागठबंधन की दूसरी पार्टियों की राय अलग थी। हमलोगों की राय थी कि कन्हैया कुमार और सीपीआई गरीबों की लड़ाई लड़ रही है। इसलिए गठबंधन में शामिल कर बीजेपी से मुकाबला किया जाए। हमलोग लगातार चर्चा कर रहे थे कन्हैया कुमार को शामिल करने से हमलोग मजबूत होंगे, लेकिन ये लोग तैयार नहीं हुए। याद रहे बेगुसराई लोकसभा सीट से राजद ने तनवीर हसन जैसे मजबूत उम्मीदवार को उतार कर बीजेपी नेता गिरिराज सिंह की जीत को आसान बना दिया था।

उन्होंने कहा कि राजद को अकेले 30 सीट भी नहीं मिलेगा। मांझी ने सवाल पूछने के अंदाज में कहा जब लोजपा के साथ थे तो कितना सीट मिला था, याद होगा।