आभासी दुनिया

बड़ा सवाल: मीडिया को सिर्फ शाहीन बाग़ ही क्यों दिखता है, यह क्यों नहीं ?

डेस्क: कोरोना वायरस को लेकर दुनिया भर के लोग दहश’त में हैै। भारत में लगातार कोरोना वायरस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। देश में वायरस से मर’ने वालों की संख्या भी बढ़कर 4 हो चुकी है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के मुद्दे पर देश को संबोधित किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने इस रविवार 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक सभी देशवासियों को जनता क’र्फ्यू का पालन करने की बात कही है।

केंद्र और राज्य सरकारें बार-बार लोगों को से अपील कर रही है कि जरूरत न हो तो घर से न निकलें। स्कूल, कॉलेज, मॉल  सिनेमा हॉल सभी बंद कर दिए गए हैं। सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई है। कई शहरों और जिलों में धारा-144 लगा दी गई है। वहीं बिहार और दिल्ली समेत कई राज्य 50 से ज्यादा लोगों को एक जगह इकट्ठा होने पर रोक लगा रखी है।

लेकिन कई जगह और लोग इस आदेश/सलाह का उल्लंघन हो रहा है। इस ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए युवा समाजिक कार्यकर्ता रौशन कुमार गहलोत लिखते हैं ‘मीडिया को सिर्फ़ शाहीन बाग़ ही क्यों दिखता है? सरकार और प्रशासन से निवेदन है इस ओर भी ध्यान दें।जब कोरोना वाइरस के कहर से 50 लोग एक जगहों पर एकत्रित नही हो सकते हैं, तो फ़िर माइक्रो फाइनेंस कंपनी एवं स्वयं सहायता समूहों का मीटिंग पर रोक लगा देना चाहिए जो गॉवों में घूम-घूम कर मीटिंग करते हैं!सामुहिक बैठक करने से, कोरोना वाइरस ग्रामीण क्षेत्रों में फैलने का खतरा ज्यादा है।’

रौशन ने इससे संबंधित कई फोटो भी शेयर किये हैं। यह स्थिति वाकई चिंताज’नक है।

भारत में इससे संक्रमित लोगों की संख्या गुरुवार को 180 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इन लोगों में 25 विदेश नागारिक भी शामिल हैं, जिनमें से 17 इटली, तीन फिलीपीन, दो ब्रिटेन और कनाडा, इंडोनेशिया तथा सिंगापुर के एक-एक नागरिक हैं।