बिहार राज्य

हिप्पोक्रे’सी: सुबह 5 बजे बला’त्कारियों को फां’सी और शाम 5 बजे से पहले लोकतंत्र को फां’सी’

डेस्क: डेस्क: मध्यप्रदेश में 18 दिनों तक चले सियासी उठा-पटक का।शुक्रवार को कमलनाथ के इस्तीफे के साथ अंत हो गया। राज्यपाल ने त्यागपत्र स्वीकारते हुए उनसे नए मुख्यमंत्री की शपथ तक पद पर बने रहने के लिए कहा है। लेकिन राजनीतिक बयानबाजी अभी भी जारी यही।

जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष और मधेपुरा के पूर्व सांसद पप्पू यादव  कमलनाथ के इस्तीफे के बाद शुक्रवार को अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, ‘ सुबह पांच बजे बला’त्कारियों को फां’सी शाम पांच बजे से पहले लोकतंत्र को फां’सी’

 

वो आगे लिखते हैं, ‘एक तरफ PM #Corona के खिलाफ देश को एकजुट होने का अपील करते हैं, दूसरी ओर खुद साजिश रच एक राज्य की सरकार गिराते हैं। हिप्पोक्रे’सी की भी कोई हद होती है या नहीं!’

कमलनाथ के इस्तीफे के बाद बीजेपी नेता सिंधिया ने भी टिप्पणी की थी, उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, ‘मध्य प्रदेश में आज जनता की जीत हुई है। मेरा सदैव ये मानना रहा है कि राजनीति जनसेवा का माध्यम होना चाहिए, लेकिन प्रदेश सरकार इस रास्ते से भटक गई थी। सच्चाई की फिर विजय हुई है। सत्यमेवजयते।’

बता दें कि मध्य प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी सियासी घमा’सान के बीच गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में कई घंटों तक जोरदार बहस हुई। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मध्य प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष एनपी प्रजापति को निर्देश दिया कि शक्ति परीक्षण के लिए शुक्रवार को सदन का विशेष सत्र बुलाया जाए और यह प्रक्रिया शाम पांच बजे तक पूरी की जाए। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि अगर बा’गी विधायक फ्लोर टेस्ट के लिए विधानसभा आने चाहते हैं तो कर्नाटक और मध्य प्रदेश के डीजीपी उनकी सुर’क्षा सुनिश्चित कराए। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने पूरी कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग कराने को भी कहा था।।

बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक 22 कांग्रेसी विधायकों की इस्तीफे के बाद मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार खतरे में आ गई थी।