मध्यप्रदेश राज्य

हो गया फैसला ! लॉकडाउन के खबरों के बीच आज चौथी बार CM पद की शपथ लेंगे शिवराज

डेस्क: पूरे देश में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच मध्य प्रदेश की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भाजपा आलाकमान ने मध्यप्रदेश के अगले मुख्यमंत्री के लिए शिवराज सिंह चौहान का नाम तय कर दिया है। वे आज शाम 7 बजे शपथ ले सकते हैं।

बता दें कि 2005 से 2018 तक लगातार 13 साल सीएम रह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने तीन बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके फिर सीएम बनने पर मध्यप्रदेश के इतिहास में पहला मौका होगा, जब कोई चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेगा।

राजनीतिक जानकारों की माने तो इस बार शिवराज के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और नरोत्तम मिश्रा के नाम की भी रेस में शामिल था। लेकिन अंततः पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाजी मार ली है।

भाजपा सूत्रों का कहना है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते राज्य के लिए स्थाई सरकार की जरूरत है। इसलिए भाजपा ने शाम छह बजे विधायक दल की बैठक बुलाई है। सभी विधायकों को अकेले पार्टी दफ्तर आने के लिए कहा गया है। पार्टी हाईकमान द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक दिल्ली से वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए विधायकों से संवाद करेंगे। उसके बाद ही नए नेता के नाम का ऐलान होगा। इसके तुरंत बाद शिवराज मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।

ज्ञात हो कि सिंधिया समर्थक 22 कांग्रेसी विधयाक के बगवतनके बाद कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई थी। करीब 18 दिनों तक चले सियासी ड्रामें के बाद कमलनाथ ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया था।

बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा में 230 सीटें हैं। दो विधायकों के निधन के बाद 2 सीटें पहले से खाली हैं। सिंधिया समर्थक कांग्रेस के 22 विधायक बागी हो गए थे। इनमें 6 मंत्री भी थे। स्पीकर एनपी प्रजापति इन सभी के इस्तीफे मंजूर कर चुके हैं। इस तरह कुल 24 सीटें अब खाली हैं। इन पर 6 महीने में चुनाव होने हैं। उपचुनाव में भाजपा को कम से कम 9 सीटें जीतनी होंगी भाजपा के पास 106 विधायक हैं।  24 सीटों पर उपचुनाव होने पर  अगर एक भी निर्दलीयों ने भाजपा का साथ नहीं दिया तो उपचुनाव में पार्टी को कम से कम 9 सीटें जीतनी होंगी।