मध्यप्रदेश राज्य

अभी-अभी: शिवराज ने चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, बैठक में 15 प्रतिशत विधयाक नहीं पहुंचे

डेस्क: मध्य प्रदेश के राज्यपाल लाल जी टंडन ने बीजेपी नेता शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। इस तरह शिवराज चौथी प्रदेश के बार मुख्यमंत्री बन गए हैं। बता दें कि 2005 से 2018 तक लगातार 13 साल सीएम रह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने तीन बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं। उनके फिर सीएम बनने पर मध्यप्रदेश के इतिहास में पहला मौका आया है, जब कोई चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है।

इससे पहले भाजपा प्रदेश मुख्यालय में पार्टी विधायकों की बैठक हुई जिसमें पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने विधायक दल के नेता के रूप में चौहान के नाम का प्रस्तावित किया, जिसका सभी विधायकों ने समर्थन किया। बैठक में पर्यवेक्षक बनाए गए राष्‍ट्रीय महासचिव अरुण और एमपी के प्रभारी विनय सहस्‍त्रबुद्धे वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए।

विधायक दल की बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने कहा- मेरे लिए आज बहुत भावुक पल हैं। भाजपा मेरी मां है और मैं मां के दूध की लाज रखने में कोई कसर नहीं छोड़ूंगा। जाने वाली सरकार सब तबाह करके गई है। शासन करने की शैली में भी अब परिवर्तन किया जाएगा। काम बोलेगा, हम मिलकर काम करेंगे। जनकल्याण का नया इतिहास रचेंगे। यह उत्सव का समय नहीं है। परिस्थितियां हमें इजाजत नहीं देती। कोरोना के संकट को समाप्त करना है। तत्काल हमें काम पर जुटना है। जो भावनाएं मोेदीजी ने प्रकट की है, उन भावनाओं से हमें जुड़ना है। संक्रमण की चेन को हमें तोड़ना है। कोई उत्साह, उत्सव और समारोह नहीं होगा। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद मैं अपने कार्यालय जाऊंगा कोरोना से लड़ने  की योजना बनाऊंगा। और हमसब मिलकर इस महामारी से निपटेंगे।

बैठक के बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा का कहना है, ‘रीवा, सीधी, सिंगरौली आदि स्थानों के विधायक बैठक में नहीं आ पाए, मगर उनकी सहमति ली गई। कुल विधायकों में 80-85 प्रतिशत विधायक बैठक में पहुंचे।’

बता दें कि कांग्रेस के 22 विधायकों के बगावत करने और सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई थी। इसके बाद, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 20 मार्च को पद से इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद से कमलनाथ सरकार को राज्यपाल ने कार्यवाहक के तौर पर काम करने के निर्देश दिए थे।