बिहार राज्य

कोरोना से लड़ने के लिए ‘लालू के लाल’ ने दिखाया ‘बड़ा दिल’ आइसोलेशन वार्ड के लिए दिया अपना सरकारी बांगला !

डेस्क : देशभर में कोरोना वायरस के मामलों लगातार बढ़ोतरी हो रही है। संक्रमित मरीजों की संख्या 429 हो गई है। वहीं इस जानलेवा वायरस के चपेट में आकर अब तक 8 लोग जान गंवा चुके हैं। अकेले 24 घंटे में 50 से अधिक नए मरीज आए हैं और तीन मौ:त हुई है। दिल्ली, राजस्थान, बिहार, पंजाब, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश में कोरोना वायरस की वजह से 31 मार्च तक लॉकडाउन है। वहीं उत्तर प्रदेश के 16 जिलों को भी 25 मार्च तक लॉकडाउन कर दीया गया है।

बिहार में इसके बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सरकार तमाम तरह के प्रयास कर रहे हैं। अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कोरोना प्रभावितों के मदद के लिए पहल किया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री यादव ने मुख्यमंत्री राहत कोष में जहां अपनी एक महीने की सैलरी देने का ऐलान किया है, वहीं इस कठिन समय में अपने सरकारी आवास को भी आइसोलेशन सेंटर, जांच केंद्र या क्वॉरेंटाइन के लिए इस्तेमाल किए जाने की सरकार से पेशकश की है।

उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है, ‘इस कठिन घड़ी में सभी सामर्थ्यवान राज्यवासी ज़िम्मेदारी से अपना-अपना कर्तव्य निभाएँगे। साथी बिहारवासियों के जीवन सुरक्षा का ज़िम्मा लेंगे। जितना बन पड़ेगा, उतना करेंगे। कोरोना से लड़ेंगे, मिलकर उसे हराएँगे, बिहार को सुरक्षित बनाएँगे।’

उन्होंने लिखा है, ‘बिहार में कोरोना वायरस से फैलाव और उसके चलते हुई मृत्यु दुखद है। समय आ गया है कि हम सभी इस बीमारी के खिलाफ लड़ाई तेज करें। सरकार को हर लापरवाही त्याग कर त्वरित एक्शन लेना होगा। इस लड़ाई में हम सभी सरकार का हर संभव सहयोग करने के लिए तैयार हैं।’

तेजस्वी यादव ने आगे लिखा है, नेता प्रतिपक्ष होने के नाते पटना में जो सरकारी आवास मुझे मिला है मैं चाहूंगा कि उस आवास का उपयोग सरकार अपनी सुविधानुसार आइसोलेशन वार्ड, जांच केंद्र या अन्य के लिए करे और कोरोना से लड़ने के लिए सार्थक कदम उठाए।  बिहार में कोरोना से एक जान चली गई है, लेकिन अब और नहीं। कोरोना वायरस के खिलाफ इस लड़ाई में सरकार की सकारात्मक पहल में पूरा सहयोग देंगे, लेकिन किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि आखिरकार सवाल एक जिंदगी का है।

बता दें कि रविवार शाम सीएम नीतीश की अध्यक्षता में हाइ लेवल मीटिंग के बाद बिहार सरकार ने 31 मार्च तक बिहार को लॉकडाउन करने का फैसला लिया है। इस लॉक डाउन में पटना सहित बिहार के तमाम जिले शामिल हैं। वैसे अनुमंडल इलाके भी शामिल होंगे, जो भीड़भाड़ वाला इलाका है।

हालांकि अनिवार्य सेवाएं जारी रहेंगी. साथ ही लॉकडाउन से दवा की दुकान, राशन की दुकान, डेयरी, पेट्रोल पंप  बैंक, पोस्ट ऑफिस, एटीएम और मीडिया कार्यालय लॉकडाउन से बाहर रहेंगे।