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Big News: शाहीन बाग को दिल्ली पुलिस खाली कराया, उखाड़े टेंट, 9 हिरासत में

डेस्क: देश की राजधानी दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोसधान कानून(CAA) और और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC खिलाफ पिछले 100 दिनों से ज्यादा समय से चल रहे प्रदर्शन को हटा दिया गया है। मंगलवार सुबह को शाहीन बाग में भारी पुलिस फोर्स की तैनाती के बीच प्रदर्शनकारियों के टेंट उखाड़े गए। इसके साथ ही नोएडा-कालिंदी कुंज सड़क को भी खाली करा लिया गया है।

इस दौरान पुलिस ने 6 महिलाओं और 3 पुरुषों को हिरासत में ले लिया। अभी भी मौके पर भारी पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। दिल्ली पुलिस ने धारा-144 तहत यह एक्शन लिया है। बता दें कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के वजह से पूरे दिल्ली में धारा-144 लागू है। साथ ही सभी बॉर्डर सील कर दिया गया है।

हालांकि, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हम खुद पीछे हट गए थे, लेकिन पुलिस ने धरना स्थल में बने भारत माता के नक्शे और इंडिया गेट को क्यों हटाया। लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की है। हालांकि, माहौल अभी तनावपूर्ण नहीं है।

साउथ-ईस्ट दिल्ली के डीसीपी ने बताया कि हमने प्रदर्शन कर रहे लोगों से अपील की थी कि कोरोना वायरस के चलते लागू लॉकडाउन की वजह से यहां से हट जाएं। लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हटा दिया है।’ पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया है।

बताते चले कि कोरोना वायरस के चलते जनता कर्फ्यू के आह्वान के बीच दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन को बंद करवाने को लेकर रविवार को दो गुट आपस में भिड़ गए थे। दोनों पक्षों में करीब आधे घंटे तक मारपीट और गालीगलौज हुई। एक पक्ष चाहता था कि पीएम के जनता कर्फ्यू के ऐलान का समर्थन किया जाए जबकि दूसरा पक्ष इसे मानने को तैयार नहीं था। इसी बात पर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। हालांकि, बाद में मामला शांत करवा दिया गया था।

बता दें कि शाहीन बाग में सीएए के खिलाफ प्रदर्शन का मामला सुप्रीम कोर्ट में भी गया था। इसके बाद सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दो वार्ताकारों को नियुक्त किया था। कोर्ट ने वार्ताकारों से कहा था कि वे प्रदर्शन स्थल पर जाकर प्रदर्शनकारियों से प्रदर्शन खत्म करने के लिए तैयार करें लेकिन वार्ताकार इसमें सफल नहीं हो सके थे।