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263 भारतीयों के लिए फरिश्ता बनी बिहार की बहु, इस ‘कोरोना कमांडो’ रच दिया इतिहास

डेस्क: कोरोना वायरस का लगभग पूरे विश्व को अपने चपेट में ले चुका है। इस जानलेवा वायरस से चीन के बाद सबसे ज्यादा प्रभावित इटली है। ऐसे में इटली की राजधनी रोम में फंसे 263 भारतीयों बचाकर वापस लाने वाली टीम की प्रसंशा पूरा देश कर रहा है।

इस टीम में शामिल स्वाति रावल बिहार के हाजीपुर की बहू है। हाजीपुर के दिग्घी पश्चिमी के रहने वाले स्व. वशिष्ठ नारायण सिंह की बहु और अजीत कुमार की पत्नी स्वाति रावल वर्तमान में एयर इंडिया में कमांडर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने वर्ष 2004 में एयर इंडिया ज्वाइन किया था। बचाव दल में शामिल कैप्टन स्वाति की खासी तारीफ की जा रही है। खुद प्रधानमंत्री मोदी और उड्डयन मंत्री हरदीप पूरी भी इनके हौसले को सलाम कर चुके हैं। बता दें कि स्वाति दो बच्चे की मां भी हैं। बेटा चाणाक्य भारद्वाज 5 साल और बेटी नंदनी डेढ़ वर्ष की है।

स्वाति के पति अजीत कुमार भारद्वाज ने ट्विटर पर एक पोस्ट में अपनी पत्नी को बधाई दी। उन्होंने लिखा, ‘मैं अपनी पत्नी कैप्टन स्वाति रावल को 263 भारतीय छात्रों को बचाने के लिए रोम से दिल्ली तक रेस्क्यू फ्लाइट संचालित करने वाली पहली सिविल महिला पायलट बनने के लिए बधाई देता हूं। वास्तव में गर्व है।’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना वायरस के चलते विदेशों में फंसे भारतीयों को स्वदेश लाने में एयर इंडिया के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि एयर इंडिया की टीम पर गर्व है जिसने धैर्य रखते हुए मानवता का परिचय दिया है।

वहीं नागरिक विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी एयर इंडिया की प्रशंसा की है। उन्होंने ट्वीट किया कि एयर इंडिया के बोइंग 777 के चालक दल ने कप्तान स्वाति रावल औऱ राजा चौहान के नेतृत्व में कर्तव्य का निर्वहन करते हुए 263 भारतीयों की स्वदेश वापसी कराई है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी ट्विटर पर एयर इंडिया की टीम की सराहना की। धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘कैप्टन स्वाति रावल, कैप्टन राजा चौहान और एयर इंडिया के चालक दल को सैल्यूट, जिन्होंने कॉल ऑफ ड्यूटी का जवाब दिया। रोम में फंसे 263 भारतीयों को एयरलिफ्ट करने के लिए, टीम उनके मानवीय प्रयासों के लिए प्रशंसा की हकदार है।’

स्वाति का नाम उन चुनिंदा महिला पायलट में शामिल हैं। जो मुंबई से न्यूयॉर्क फ्लाइट लेकर जाती थीं। जानकारी के लिए बता दें कि उन्हें इस पेशे में 15 वर्ष हो चुके हैं।