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बड़ी खबर: जमात के मरकज बिल्डिंग में मौजूद 24 लोग पॉजिटिव, 9 की मौ’त, राज्य सरकारों की टेंशन बढ़ी

डेस्क: दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी जमात के मरकज यानी इस्लामिक धार्मिक आयोजन केंद्र में कोरोनावायरस संक्रमण का सबसे बड़ा मामला सामने आने के बाद राज्य सरकारों की भी टेंशन बढ़ा दी है।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने मंगलवार को जानकारी दी कि मरकज बिल्डिंग में मौजूद 24 लोग पॉजिटिव निकले हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार से अब तक 334 लोगों को अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। वहीं, 700 लोगों को क्वारैंटाइन किया गया है। उन्होंने कहा कि जब देश में लॉकडाउन था, उस वक्त इस तरह की गतिविधि करना अपराध है।

सतेंद्र जैन ने बताया कि हम यह नहीं बता सकते हैं कि मरकज बिल्डिंग में कितने लोग मौजूद थे, लेकिन यह तादाद 1500 से 1700 हो सकती है। 1033 लोगों को बाहर निकाला गया है। यह गतिविधि करने वाली कमेटी ने अपराध किया है। राजधानी में आपदा अधिनियम और संक्रामक रोग अधिनियम लागू है। इसके तहत 5 से ज्यादा लोग जमा नहीं हो सकते। इसके बाद भी इन्होंने यह किया।

उन्होंने कहा कि मैंने दिल्ली के एलजी को इनके खिलाफ कार्रवाई करने को लिखित में दिया है। इसके अलावा, दिल्ली सरकार एफआईआर दर्ज करने जा रही है। राजधानी में कोरोना संक्रमण के मंगलवार तक 97 मामले सामने आए हैं। दो लोगों की मौत हो चुकी है। 6 लोग स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं।

निजामुद्दीन स्थित मरकज में शामिल जमात में से 9 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी। मरने वालों में तेलंगाना से लेकर कश्मीर तक पहुंचे लोग हैं। इसके बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया है। हर प्रदेश ने अलर्ट जारी किया है। जमात से आए लोगों की तलाश की जा रही है। तेलंगाना में करीब 200 लोगों को क्वारनटीन किया गया है, जबकि तमिलनाडु में 800 लोगों की पहचान की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक निजामुद्दीन स्थित जमात के मरकज में 15 देशों से लोग आए थे। इसमें इंडोनेशिया, मलेशिया, श्रीलंका समेत कई देश शामिल हैं। इसमें सबसे अधिक संख्या इंडोनेशिया से आए लोगों की थी. सूत्रों के मुताबिक, 800 लोग इंडोनेशिया के मरकज में ठहरे थे। अब इनकी जांच शुरू हो गई है।