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Quick Action: तीन दिनों से भूखी अनाथ बहनों ने PMO को लगाया फोन तो राशन लेकर दौड़े अफसर, जानिए…

डेस्क: कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते केंद्र सरकार के निर्देश पर पूरे देश में 21 दिनों का लॉकडाउन चल रहा है। लेकिन इस वजह से गरीब, दिहाड़ी मजदूरों और प्रवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों को भूखे सोने पर मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला बिहार के भागलपुर जिला में सामने आया है।

बरारी थाना क्षेत्र के बड़ी खंजरपुर  निवासी तीन बहनें लॉकडाउन के कारण अपने घर मे फंसी हुई थी और काम पर नहीं जा पा रही थी। इस कारण तीनों बहनें कई दिनों से भूखी प्यासी थीं। काम छूट जाने वजह से तीन दिनों से भूखी बहनों ने सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के हेल्पलाइन नम्बर- 1800118797 पर फोन कर दिया। पीएमओ ने तुरंत एक्शन लिया और जिला प्रशासन को मामले की जानकारी दी। जिसके बाद आनन-फानन में जगदीशपुर के अंचलाधिकारी सोनू भगत पका हुआ भोजन एवं सूखा राहत सामग्री को लेकर मौके पर पहुंचे और तीनों बहनों को भरपेट भोजन कराया।

मामले पर जगदीशपुर के अंचलाधिकारी सोनू भगत ने बताया कि तीनों बहनों ने अखबार से लेकर पीएमओ के हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया था। जिसके बाद पीएमओ से जिला प्रशासन को मिले निर्देश के आलोक में आधे घंटे के अंदर भोजन तैयार कर तीनों बहनों को उपलब्ध कराया गया। साथ ही बहनों को खाने के लिए सूखा राशन दिया गया। उन्होंने बहनों को किसी भी आवशयकता के लिए अपना मोबाइल नम्बर भी दिया है।

गौरी ने बताया कि उनके पिता सिनोद भगत और मां अनीता देवी का बहुत पहले निधन हो गया था। दोनों कपड़े धोकर परिवार चलाते थे। मां-पिता के निधन के बाद वे पड़ोसियों के यहां बर्तन साफ कर छोटी बहनों की परवरिश करती है। कभी-कभी छोटी बहन भी इसमें मदद करती है। एक-दो दिन लाेगाें ने मदद की। उसके बाद मदद बंद कर दी। अखबार में नंबर देखा तो उस पर फाेन कर जानकारी दी।

गौरी ने बताया कि मां-पिता की मौत के बाद सभी बहनों की जिम्मेवारी उनके सर पर थी जिसके कारण आठवीं की पढ़ाई के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और अपनी बहन आशा के साथ दूसरों के घरों में काम कर किसी तरह लालन पालन कर रही हैं। जबकि उनकी तीसरी बहन कुमकुम खंजरपुर मध्य विद्यालय में ही कक्षा छह में पढ़ रही है।