देश

6 लाख संदिग्धों की जांच और गरीबों के खाने का कोई प्लान नहीं, सिर्फ ड्रामा कर रहें हैं पीएम मोदी !

डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश के नाम अपने संबोधन में 22 मार्च को जनता क’र्फ्यू के दौरान शाम 5 बजे ताली, थाली, घंटी आदि बजाने की अपील के तर्ज पर ही 5 अप्रैल को देशवासियों से 9 मिनट मांगे हैं। रविवार रात नौ बजे, नौ मिनट तक घर की बत्तियां बुझाकर कैंडल, दीपक या मोबाइल फ्लैशलाइट जलाने की अपील की है।

पीएम मोदी के इस अपील पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई है। राजनीतिक कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला ने देशवासियों प्रधानमंत्री के इस अपील को अस्वीकार करने को कहा है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा है, ‘मेरा भारत, नरेंद्र मोदी जी आपको यह नहीं बता रहे हैं कि संभावित 6 लाख संदिग्धों का परीक्षण करने की योजना क्या है। गरीबों को खिलाने के लिए उसके पास कोई योजना नहीं है। उसके पास भविष्य के लिए कोई वैज्ञानिक योजना नहीं है। इस नाटक को अस्वीकार करें और उससे कठिन प्रश्न पूछें। यही लोकतंत्र है!’

वहीं गीतकार प्रसून जोशी ने पीएम मोदी का समर्थन किया है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर एक कविता शेयर करते हुए लिखा है, ‘हमारे प्रधानमंत्री जी ने कोरोना के अंधेरे से लड़ने के लिए हमसे ५ अप्रैल को ९ बजे ९ मिनट के लिए साथ आने का आग्रह किया है,हमें ये करना है और जुड़ कर प्रकाश बनना है अपनी ये कविता इसी भावना को समर्पित करता हूँ।’

बता दें कि आज सुबह 9 बजे प्रधानमंत्री ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि 5 अप्रैल को रात नौ बजे घर की लाइट बंद करके, घर के दरवाजे पर मोमबत्ती, दिया या फ्लैश लाइट जलाएं। पीएम मोदी ने कहा कि इस रविवार को हमें संदेश देना है कि हम सभी एक हैं। पीएम ने अपील करते हुए कहा कि इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन ना करें। घर के बाहर, सड़क और या गली में इकठ्ठा न हों।

वीडियो संदेश के शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा कि  मेरे प्यारे देशवासियों, कोरोना वैश्विक महामारी के खिलाफ देशव्यापी लॉकडाउन को आज नौ दिन हो रहे हैं। इस दौरान आप सभी ने जिस प्रकार अनुशासन और सेवा भाव का परिचय दिया उसके लिए धन्यवाद। शासन-प्रशासन और जनता जनार्दन ने इस स्थिति को अच्छे तरीके से संभालने का काम किया है।