बिहार राज्य

गजब संयोग: कोरोना संक’ट ने 7 साल पहले बिछड़े बेटे को परिवार से मिलाया

डेस्क: बता दें कि भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या दिन-पर-दिन बढ़ता जा रहा है। सोमवार के आंकड़े के मुताबिक  24 घंटे में COVID-19 के 693 नए मामले सामने आए हैं। अब देश में कोरोना वायरस के पॉजिटिव मिले मामलों की संख्‍या 4,067 हो गई है। इनमें से 1,445 मामले तबलीगी जमात में शामिल हुए या उनके संपर्क में आए व्‍यक्तियों के हैं। भारत में अबतक कोरोना वायरस की वजह से 109 लोगों की मौत हो चुकी है।

इसी बीच कोरोना की वजह से बिहार के छपरा में कई साल पहले लापता हुए एक शख्स को अपने परिवार से मिलने का मौका मिल गया। पूरा मामला छपरा के भेल्दी थाना के पैगा मित्रसेन गांव का है।

सोमवार की सुबह उत्तर प्रदेश पुलिस एक युवक को लेकर भेल्दी थाना पहुंची और उसे अजय कुमार उर्फ विवेक दास बता कर उसके बारे में पूछताछ शुरू की। भेल्दी थानाध्यक्ष विकास कुमार की ओर से मिली जानकारी के आधार पर यूपी पुलिस अजय को लेकर पैगा मित्रसेन गांव पहुंची। सुबह-सुबह गांव में पुलिस को देखते ही हड़कंप मच गया हालांकि बाबूलाल दास के परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

यूपी पुलिस ने बताया कि घर से गायब होने के बाद अजय भटकते हुए यूपी के बाराबंकी चला गया था और वहां एक आपरा’धिक मामले में जेल चला गया और सजा काट रहा था। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कोर्ट ने कुछ कैदियों को पैरोल पर रिहा करने का आदेश दिया जिसमें अजय कुमार दास का भी नाम भी शामिल था।

इस गांव के रहने वाले बाबूलाल दास का पुत्र अजय कुमार उर्फ विवेक दास सात साल पहले अचानक ही लापता हो गया था। परिजनों ने अजय की बहुत तलाश की लेकिन उसका कोई पता नहीं मिला जब दो-तीन साल बाद वह घर नहीं लौटा तो घरवालों ने ये मान लिया अजय अब इस दुनिया में नहीं है। फिर उन्होंने उसकी तलाश बंद कर दी लेकिन मां-बाप को उम्मीद थी कि हो सकता है एक दिन उनका बेटा वापस आ जाए।

यूपी पुलिस ने अजय को जिम्मेनामा पर उसके परिवार को सुपुर्द कर दिया। अजय को वापस पाकर इस घर में खुशियां लौट आई हैं। गांव वाले कह रहे कि अगर कोरोना नहीं आता तो शायद अजय कभी वापस नहीं लौटता क्योंकि उसकी जमानत कराने वाला बाराबंकी में कोई नहीं था और उसके बारे में घरवालों को भी कोई जानकारी नहीं थी।