बिहार राज्य

राजद समर्थकों के लिए अच्छी खबर: लालू यादव जेल से हो सकते हैं रिहा, सरकार कर रही है विचार !

डेस्क: देश में कोरोना वायरस का संक्रमण कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इसको लेकर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन करते हुए बताया कि देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 354 नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि देश में अब तक 4421 लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 326 लोग कोरोना वायरस से ठीक हुए हैं और उन्हें इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

इस बीच खबर है कि जेल में बंद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को राहत मिल सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो लालू यादव जेल से बाहर आ सकते हैं, सरकार उन्हें पैरोल देने पर विचार कर रही है। रिपोर्ट्स की मानें तो लालू यादव को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत पैरोल दिया जा सकता है। बता दें कि कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में जेल प्रशासन को सजायाफ्ता कैदियों को पैरोल देने के मामले में फैसला सुनाया था।

बता दें कि कोरोना वायरस के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने देशभर की जेलों में कैदियों की संख्या को कम करने के लिए राज्यों से उन कैदियों को पैरोल या अंतरिम जमानत पर रिहा करने के लिए विचार करने को कहा है जो अधिकतम 7 साल की सजा काट रहे हैं।

23 मार्च को शीर्ष अदालत ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देश दिया था कि वे कोरोना वायरस के मद्देनजर जेलों में सात साल की जेल की अवधि के लिए सजा काट रहे अपराधियों के लिए पैरोल या अंतरिम जमानत पर विचार करने के लिए उच्च-स्तरीय समितियों का गठन करें।

पिछले दिनों राबड़ी देवी ने भी कहा था कि जब कोरोना के चलते अन्य राज्यों में कैदियों को छोड़ा जा रहा है तो झारखंड सरकार को भी छोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए राबड़ी सीएम हेमंत सोरेन से बात करेंगी। उन्होंने कहा कि वह हेमंत से आग्रह करेंगी कि सबको छोड़ा जा रहा है तो सिर्फ लालू जी को क्यों बंद रखा जा रहा है।

बता दें कि लालू यादव चारा घोटाला के कई मामलों की सजा काट रहे हैं। उनकी तबीयत पिछले काफी समय से ठीक नहीं चल रही है। यही कारण है कि वो लंबे समय से रिम्स के पेइंग वार्ड में भर्ती हैं। इससे पहले आठ सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने उनके इलाज की समीक्षा की थी, जहां यह तय हुआ कि लालू प्रसाद यादव को फिलहाल एम्स अस्पताल भेजने की जरूरत नहीं है