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सराकर के इस गलती के कारण देशभर में हो रहा मुस्लि’मों पर हम’ला ! अल्प’संख्यक आयोग ने किया खुलासा

डेस्क: भारत में कोरोना वायरस का संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के सामने आए 591 नए मामलों के साथ कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 5865 हो गई है। वहीं, इस वायरस से मरने वालों की संख्या 169 तक पहुंच गई है। राहत वाली बात यह है कि इस वायरस से अबतक 478 लोग ठीक हुए है और उन्हें इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

संक्रमित लोगों की संख्या अचानक बढ़ने में सबसे बड़ा हिस्सा निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के कार्यक्रम शामिल लोग या उनके संपर्क में आए लोग हैं। इस बीच दिल्ली अल्पसं’ख्यक आयोग ने केजरीवाल सरकार से पूछा है कि दिल्ली के कोरोना मामलों में मरकज वालों का आंकड़ा अलग क्यों लिखा जा रहा है? अल्पसं’ख्यक आयोग ने दिल्ली के केजरीवाल सरकार को पत्र लिखकर इसका जवाब मांगा है। अल्पसं’ख्यक आयोग ने सवाल उठाए कि आधिकारिक आंकड़ों में मरकज़ के मरीज़ों के लिए अलग कॉलम क्यों रखा गया है? बता दें कि राजधानी दिल्ली में भी कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रहा है। इसमें से ज्यादातर मामले निजामुद्दीन मरकज से जुड़े हुए हैं।

आयोग ने कहा है कि संप्र’दाय के आधार पर अलग किए गए कॉलम को जल्द से जल्द हटाया जाए, क्योंकि इस तरह की चीजें ‘इस्ला’मोफोबिया’ के एजेंडे को बढ़ावा मिल रहा है। पत्र में आगे कहा गया कि इस वजह से देशभर के कई हिस्सों में मुस’लमानों पर हम’ले किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कि WHO ने भी विश्व भर की सरकारों से अपील की है कि कोरोना के मरीज़ों के आधार पर राजनीति न की जाए और उन्हें ध’र्म के आधार पर न बांटा जाए।

बता दें कि दिल्ली में कोरोना के मरीजों की संख्या अब 669 हो गई है, इनमें 426 मरकज़ से जुड़े लोग शामिल हैं। पिछले पिछले 24 घंटों में दिल्ली में 93 नए मामले सामने आए हैं जो सभी मरकज़ के हैं। तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस के पॉजिटिव मामलों के बीच दिल्‍ली सरकार ने 21 इलाकों को कन्‍टेनमेंट जोन बना दिया है। सीएम अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, इन इलाकों से ना तो कोई बाहर जा सकेगा। ना ही भीतर एंट्री होगी।