बिहार राज्य

लॉकडाउन से परेशान दिहाड़ी मजदूरों के लिए अच्छी खबर, नीतीश सरकार का बड़ा फैसला

डेस्क: बिहार में कोरोना वायरस का कहर जारी है। शुक्रवार सुबह सीवान जिले के दो लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इस तरह अब राज्य में कुल कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 60 हो गई है। इससे पहले गुरुवार को देर रात तक कुल 19 नए संक्रमितों की पहचान की गई थी।

कोरोना आपदा और लॉकडाउन से परेशान बिहार के दिहाड़ी मजदूरों के लिए अच्छी खबर है। नीतीश सरकार ने बेरोजगार मजदूरों के लिए 100 दिनों का रोजगार देने का फैसला किया है। यह रोजगार मनरेगा के तहत दिया जाना है। मजदूरी के भुगतान में कोई कठिनाई नहीं हो, इसके लिए केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को 1078 करोड रुपए की राशि का आवंटन भी कर दिया है।

ग्रामीण विकास विभाग के  मंत्री श्रवण कुमार ने कहा है कि मनरेगा में पैसों की कमी नहीं होने दी जाएगी और कोशिश होगी कि गांव में ही तत्काल काम दिलाया जाएगा। काम की खोज के लिए अफसरों को निर्देश दिया गया है। इस वर्ष मनरेगा के तहत 18 करोड़ मानव दिवस का सृजन किया गया है। किसी भी मजदूर को अगर काम नहीं मिलता है तो वह तत्काल सरकार से इस बारे में शिकायत दर्ज करा सकता है।

काम कैसा होगा, उसकी प्रकृति क्या होगी, इसके लिये सम्बंधित जिलाधिकारियों और उप विकास आयुक्त एवं संबंधित अफसरों को गाइड लाइन जारी किया गया है। नए कार्य की मापी पुस्तिका तैयार कर मस्टर रोल निर्गत किया जाएगा और काम होते के 1 सप्ताह के बाद मजदूरों के खाते में पैसा भी चला जाएगा। इससे दिहाड़ी मजदूरों को पैसे मिलने की समस्या नहीं होगी।

वहीं बेगूसराय में कोरोना के दो मरीज मिलने के बाद पटना-बेगूसराय सीमा को सील कर दिया गया है। अन्य मार्ग पर भी वाहनों की र्चेंकग शुरू कर दी गई है।

बता दें कि भारत  में COVID-19 के अब तक 5,865 मरीजों की पुष्टि हुई है जबकि 169 लोग इस खतरनाक वायरस से अपनी जान गंवा चुके हैं। देश में कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए 21 दिनों का लॉकडाउन जारी है। इस बीमारी से 478 लोग ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं।